जेएनएन, बिजनौर। किरतपुर क्षेत्र में गुरुवार को नाले में मिले युवक के शव की शिनाख्त में पुलिस उलझ गई है। जेब से मिले आधार कार्ड फर्जी निकला है। आधार कार्ड के पते पर जानकारी करने में मृतक के बारे में कोई जानकारी नहीं हो सकी है। उसने इस नाम के अपने बेटे को अपने पास ही जिदा होना बताया है।

गुरुवार को किरतपुर में एक युवक का शव नाले में पड़ा मिला था। मृतक की पहचान नहीं हुई है। मृतक के कपड़ों से मिले आधार कार्ड के आधार पर किरतपुर पुलिस ने झारखंड के थाना रामगढ़ के ग्राम बानालात निवासी साबिर लोहरा से फोन पर संपर्क किया। साबिर लोहरा को बताया गया कि पुलिस को एक लावारिस शव मिला है। जिसकी जेब से मिले आधार कार्ड पर सुंदर लोहरा पुत्र साबिर लोहरा लिखा है। साबिर ने पुलिस को बताया कि उनके दो ही पुत्र हैं और दोनों उनके पास हैं। वह सुंदर लोहरा को नहीं जानते। आधार कार्ड पर उनका नाम और पता लिखे होने पर साबिर ने आश्चर्य व्यक्त किया। पुलिस की जांच में आधार कार्ड फर्जी पाया गया है। अब पुलिस हर बिदु पर जांच कर रही है। थाना प्रभारी जीत सिंह ने बताया कि फिलहाल शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। फेरी वाले का मिला शव

शुक्रवार सुबह नजीबाबाद रोडवेज डिपो के बाहर एक अधेड़ व्यक्ति का शव पड़ होने की पुलिस को सूचना दी गई। मृतक की पहचान आदर्शनगर निवासी राधेश्याम दुबे 53 के रूप में हुई। कुछ ही देर में मृतक के स्वजन मौके पर पहुंच गए और उनमें चीख-पुकार मच गई। पुलिस को बताया गया कि राधेश्याम रोडवेज बसों एवं डिपो के आसपास पानी की बोतल आदि सामान बेचकर आजीविका कमाता था। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ था। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।