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NGT के आदेश का बड़ा असर: पौराणिक मालिन नदी होगी साफ, ब‍िजनौर में 29 करोड़ की लागत से बनेगा STP

By Navneet Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 26 Oct 2026 06:15 AM (IST)

Bijnor News: नजीबाबाद की पौराणिक मालिन नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 11.10 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी मिली है। इस परियोजना पर 29 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

मालिन नदी को गंदे पानी से मिलेगी मुक्ति

मालिन नदी को गंदे पानी से मिलेगी मुक्ति

HighLights

  1. नजीबाबाद में 11.10 एमएलडी एसटीपी बनेगा।

  2. परियाेजना निर्माण का दायित्व जलनिगम को सौंपा गया। 

जागरण संवाददाता, बिजनौर। नजीबाबाद से गुजर रही मालिन नदी को जल्द ही गंदे पानी से मुक्ति मिलेगी। शासन ने स्वच्छता मिशन 0.2 के अंतर्गत नजीबाबाद में 11.10 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण को मंजूरी दी है। इस प्लांट पर 29 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस प्लांट के निर्माण का जिम्मा जलनिगम का सौंपा गया है।

नजीबाबाद निवासी संदीप कुमार वर्मा ने मालिन नदी को प्रदूषण से मुक्ति दिलाए जाने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण में वाद दायर किसा था। वाद में कहा गया था, कि मालिन नदी का पौराणिक महत्व है। यह नदी पौड़ी गढ़वाल की पहाड़ियों से निकलकर रावली में गंगा नदी में मिलती है।

रावली में महाभारतकालीन कण्व ऋषि का आश्रम है, जाे राजा दुष्यंत और शकुंतला की प्रणय स्थली और राजा भरत की क्रीड़ा स्थली भी कहा जाता है। नजीबाबाद शहर का गंदा पानी गिराकर मालिन नदी को प्रदूषित किया जा रहा है। आयोग के आदेश के बाद सरकार ने स्वच्छता अभियान 0.2 के अंतर्गत नजीबाबाद में 11.10 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी दे दी।

इस परियाेजना के निर्माण का दायित्व जलनिगम को सौंपा गया। प्लांट के निर्माण पर 29 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वहीं 3.71 किमी. लंबा इंटरसेप्टर सीवर नेटवर्क भी बनाया जाएगा।

प्लांट से जोड़े जाएंगे सात नाले

नजीबाबाद शहर में बने शकूर नगर नाला, धूम सिंह नाला, संतोषी माता मंदिर नाला, कचना नाला, एचएमएच अस्पताल राइट साइड नाला, आयल डिपो नाला, रामलीला मैदान नाले को इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना को तकनीकी और वित्तीय मंजूरी मिल चुकी हैं।

इन्होंने कहा

नजीबाबाद में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। टेंडर की मंजूरी और ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आवंटित भूमि की पैमाइश होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।
-मोहित राय, अधिशासी अभियंता, जलनिगम मुरादाबाद।