बिजनौर, जागरण टीम। सर्च वारंट लेकर पुलिस ने मुस्लिम फंड की बिल्डिंग के ताले तोड़कर रिकॉर्ड की जांच कर उसे कब्जे में लिया। मुस्लिम फंड के ताला खोलने के बाद सामान और रजिस्टर कब्जे में लिया है। नगदी के नाम पर सिक्के मिले हैं। शाखा को सील कर दिया गया है। वहीं आरोपित फैजी के तुर्की भागने की आशंका जताई जा रही है। एक टीम ने दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचकर जांच पड़ताल भी की है।

नगीना के लोगों का करोड़ों रुपये लेकर फरार होने वाले अल फैजान मुस्लिम फंड के मालिक मोहम्मद फैजी का पुलिस पांच दिन बाद भी कुछ सुराग नहीं लगा सकी है। अदालत से मुस्लिम फंड की तलाशी को सर्च वारंट मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई है। शनिवार को अपराध निरीक्षक कपिल कुमार के नेतृत्व में एसआइ अजय कुमार, कुलदीप राणा ने भारी पुलिस बल के साथ मुस्लिम फंड की शाखा पर पहुंचे। वार्ड के सभासद पति और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में शाखा के बाहर से लगे पांच तालों को तोड़ा। मुस्लिम फंड तीन दुकानों में संचालित हो रहा था। शाखा के अंदर बड़ौदा बैंक ग्राहक सेवा केंद्र के बड़े बड़े बैनर, दो कैश काउंटर, एक एटीएम मशीन, नोट गिनने की मशीन, दो कंप्यूटर, सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर, एक प्रिटर, हजारों की संख्या में खाता खोलने व पैसे निकालने के फार्म, दर्जनों रिकॉर्ड रजिस्टर मिले हैं। एक टेबिल की रैक में 10-10 रुपये के सिक्के मिले हैं। विवेचक अजय कुमार ने बताया कि सिक्कों और रजिस्टरों को जांच के लिए कब्जे में लेकर शाखा को सील करा दिया गया। ग्राहक सेवा केंद्र की आड़ में की ठगी

जांच के बाद फैजी का एक और बड़ा राज सामने आया। शाखा के अंदर बैंक आफ बड़ौदा के बड़े-बड़े बैनर लगे नजर आए। शाखा के अंदर दर्जनों बैंक आफ बड़ौदा के रजिस्टर मिले। मुख्य शाखा के बाहर भी बैंक आफ बड़ौदा की शाखा हेतु ग्राहक सेवा केंद्र का बोर्ड लगा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि फैजी वर्षों से इसी शाखा में बैंक आफ बड़ौदा का ग्राहक सेवा केंद्र चला रहा था और इसी की आड़ में वह मुस्लिम फंड शाखा भी चलाता आ रहा था। हजारों ग्राहकों को फंसा कर उनके खाते अपनी मुस्लिम फंड शाखा मे खोल देता था।

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