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Meerut-Pauri Highway पर बरसात के कारण बह रहे किनारे, सड़क में भी दरार; गंगा पर बन रहे पुल का नि‍र्माण कार्य अटका

By Navneet Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 09 Jul 2026 06:35 AM (IST)

मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 के बिजनौर खंड में बरसात से सड़क के किनारे बह गए हैं और दरारें आ गई हैं, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।

बरसात के कारण बह गई हाईवे के किनारों की मिट्टी। जागरण

बरसात के कारण बह गई हाईवे के किनारों की मिट्टी। जागरण

HighLights

  1. बहसूमा से बिजनौर तक जारी है निर्माण कार्य

  2. गंगा पुल पर किनारों की मरम्मत का कार्य जारी।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 का बहसूमा से बिजनौर तक का करीब 40 किमी लंबे हिस्से का निर्माण कार्य जारी है। गंगा पर नया पुल बनाया जा रहा है। पुल को जोड़ने के लिए बनाई जा रही सड़क के किनारे पिछले दिनों हुई बरसात में बहकर क्षतिग्रस्त हो गए। ऐसे ही बनाई गई सड़क में भी दरार आ गई।

अब किनारों पर मिट्टी डालकर मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है। लेकिन मंगलवार को हुई बरसात ने फिर से मिट्टी को बहा दिया है।

बहसूमा से बिजनौर तक का हाईवे-119 के हिस्से का निर्माण कार्य काफी देरी से शुरू हुआ और अभी भी करीब 60 प्रतिशत कार्य ही पूर्ण हो सका है। हालांकि अब मुआवजा संबंधित वादाें का निस्तारण होने के बाद निर्माण कार्य ने तेजी पकड़ी है। उधर, गंगा पार करने के लिए बनाए जा रहे पुल का निर्माण कार्य भी गंगा का जल स्तर बढ़ने के साथ ही अटक गया है।

अब निर्माण कंपनी का पूरा जोर पुल को जोड़ने के लिए दोनों और तैयार की जा रही सड़क के निर्माण पर है। लेकिन पिछले दिनों हुई बरसात के कारण तैयार हो चुकी सड़क के किनारों से मिट्टी बह गई और किनारे पर तैयार सड़क में भी दरार आ गई।

हालांकि यहां मिट्टी डालकर मरम्मत का प्रयास भी किया गया, लेकिन फिर से हुई बरासत में मिट्टी बह गई। हाईवे पर ऐसा कई स्थानों पर हुआ है, जहां बरसात के कारण कच्ची मिट्टी खिसकने से किनारे क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

एनएचएआई के एसडीओ आशीष शर्मा के अनुसार अभी हाईवे का निर्माण कार्य जारी है और किनारों पर डाली गई कच्ची मिट्टी बरसात के पानी में खिसक जाती है। किनारों को मजबूत करने का कार्य जारी है।

जाल लगाकर मिट्टी रोकने का प्रयास

बरसात के कारण बार-बार किनारों से मिट्टी बहने से रोकने और सड़क को भी मजबूत करने के लिए जाल लगाकर मशीनाें की मदद से किनारे मजबूत किए जा रहे हैं। इसके अलावा कंक्रीट का भी अंडरपास के पास प्रयोग गया है। हाईवे के किनारों पर जहां भी कंक्रीट का प्रयाेग हुआ है, वहां मिट्टी का कटाव नहीं हुआ है।