आखिर, पिंजरे में फंस ही गया गुलदार, तीन माह से की जा रही थी निगरानी व कांबिंग, ग्रामीणों में पसरा था खौफ
बिजनौर के खुशहालपुर मड़का गांव में तीन महीने से दहशत फैला रहा गुलदार आखिरकार पिंजरे में फंस गया। वन विभाग ...और पढ़ें

बिजनौर के गांव खुशहालपुर मड़का में पिंजरे में फंसा पड़ा गुलदार। सौ. वन विभाग
HighLights
खुशहालपुर मड़का गांव में तीन माह बाद गुलदार पिंजरे में फंसा।
गुलदार ने हाल ही में एक बच्चे को शिकार बनाया था।
वन विभाग की लगातार निगरानी और कांबिंग से मिली सफलता।
संवाद सहयोगी, जागरण. नजीबाबाद (बिजनौर)। गांव खुशहालपुर मड़का में गुलदार पिंजरे में फंस गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लगभग तीन माह से ग्रामीण गुलदार की दहशत से परेशान थे।
रविवार की सुबह ग्राम खुशहालपुर मड़का में गुलदार पिंजरे में फंस गया। ग्राम प्रधान नंदिनी राजपूत के पति हिमांशु राजपूत ने इसकी सूचना सामाजिक वानिकी वन प्रभाग नजीबाबाद के अधिकारियों को दी। ग्रामीणों के अनुसार, दो दिन पहले ही पास के ही खेत में गुलदार ने एक माह के बच्चे को शिकार बना लिया था। इसके बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना था।
ग्रामीणों के सहयोग से गुलदार को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह ने बताया कि पिछले करीब तीन माह से क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों को देखते हुए निगरानी और कांबिंग की जा रही थी। आसपास के कई गांवों और खेतों में वन विभाग की टीम के साथ ग्रामीण भी तलाश में जुटे थे। गुलदार को पकड़ने के लिए जगह-जगह जाल बिछाये गए थे। कई दिन की मशक्कत के बाद आखिरकार गुलदार पिंजरे में फंस गया। गुलदार पकड़े जाने से क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
