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बिजनौर में गुलदार ने सात साल के बच्चे को मार डाला, रातभर खोजते रहे स्वजन; सुबह खेत में मिला शव

By Anuj Kumar Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 20 Aug 2026 12:38 PM (GMT+05:30)

गुलदार ने बिजनौर के खुशहालपुर मड़का गांव में सात वर्षीय बच्चे अनिकेत को मार डाला, जिससे ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश है

अनिकेत का फाइल फोटो

अनिकेत का फाइल फोटो

HighLights

  1. ग्रामीणों में दहशत और वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल।

  2. बिजनौर में इस साल गुलदार के हमलों से चार लोगों की मौत।

संवाद सहयोगी, नजीबाबाद (बिजनौर)। नजीबाबाद क्षेत्र में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार की शाम ग्राम खुशहालपुर मड़का में गुलदार (Leopard) सात वर्षीय बच्चे को खा गया गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि गुलदार की लगातार बढ़ती सक्रियता के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भय बना हुआ है। बच्चे का शव क्षत-विक्षत अवस्था में खेत में पड़ा मिला।

ग्राम खुशहालपुर मडका निवासी भूदेव कश्यप का लगभग सात वर्षीय के पुत्र अनिकेत कश्यप बुधवार की शाम अपने भाई के साथ कहीं गया था। वापसी के समय दोनों भाई थोड़ा आगे पीछे हो गए। बड़ा भाई तो घर पहुंच गया, लेकिन काफी देर बाद भी अनिकेत घर नहीं पहुंचा।

इसके बाद स्वजन को चिंता हुई और उन्होंने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। घर वाले सारी रात अनिकेत को ढूंढते रहे, लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लगा। गुरुवार की सुबह अनिकेत कश्यप का शव क्षत-विक्षत अवस्था में घर से थोड़ी दूरी पर ही स्थित खेत में पड़ा मिला।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और घटना की सूचना सामाजिक वानिकी बिजनौर के वन प्रभाग नजीबाबाद को दी गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और गुलदार की तलाश शुरू की। रेंजर रामकुमार ने बताया कि अनिकेत अपने भाई के साथ बुधवार की शाम घर से बाहर कहीं गया था। काफी देर बाद भी वह घर नहीं लौटा।

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काफी ढूंढने पर भी शाम को उसका पता नहीं चल पाया गुरुवार की सुबह खेत में शव बाद मिला। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। घटनास्थल पर पिंजरा लगा दिया गया है। इसके साथ ही सभी ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों को सतर्क रहने की सलाह गई है।

इस साल चार लोगों की जा चुकी जान

गुलदार के हमलों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस साल जिले में गुलदार के हमलों में चार लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, लगभग चार साल में अब तक जनपद में गुलदार के हमलों से 38 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं के कारण जंगल से सटे गांवों के साथ ही आबादी वाले क्षेत्रों में भी लोगों का अकेले निकलना मुश्किल हो गया है।

शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं लोग

गुलदार की दहशत का आलम यह है कि शाम होते ही ग्रामीण घरों में कैद होने को मजबूर हैं। खेतों पर जाने वाले किसान समूह में निकल रहे हैं। बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने से भी लोग बच रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार निगरानी कराने, ट्रैप कैमरा लगाने और जरूरत के अनुसार पिंजरे लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है।

वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

ग्राम खुशहालपुर मड़का में सात वर्षीय बच्चे पर हमले की घटना के बाद ग्रामीणों की निगाह अब वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गुलदार को पकड़ा नहीं जाता, तब तक गांव में दहशत का माहौल बना रहेगा। लोगों ने आबादी क्षेत्र में वन विभाग की टीम की नियमित गश्त बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखने की मांग की है।

ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है भूदेव

भूदेव के तीन पुत्र थे। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता है। वह नजीबाबाद शहर एवं आसपास में ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। अनिकेत की मौत के बाद से भूदेव के अब दो ही पुत्र बचे हैं।