नजीबाबाद (बिजनौर) : भोले की भक्ति के रंग में रंगी बुलंदशहर के जहांगीराबाद निवासी 11 वर्षीय चुनमुन अपने दादा हरिशंकर और दादी त्रिवेणी के साथ श्रावण मास में भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए पैदल हरिद्वार से गंगा जल लेकर निकल पड़ी है। शनिवार की रात्रि और रविवार को पूरे दिन पड़ी बारिश के बावजूद चुनमुन में भगवान शिव के प्रति जबरदस्त आस्था है। उसका मानना है कि किसी भी धार्मिक यात्रा के दौरान कष्ट होना मामूली बात है, उसके कदम निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

वृद्ध दादा-दादी ओम नम: शिवाय का जाप करते, तो उनके पीछे उनकी पोती 11 वर्षीय चुनमुन भी उसी स्वर में ओम नम: शिवाय बोलकर आगे बढ़ती नजर आई। नन्ही चुनमुन का कहना था कि अन्य कांवड़ियों की भगवान शिव के प्रति श्रद्धा को देखकर उसमें भी इच्छाशक्ति जाग उठती है। भगवान शिव के आशीर्वाद से ही वह कांवड़ में गंगाजल लेकर निकली है।

हरिशंकर, त्रिवेणी और चुनमुन के साथ बुलंदशहर के अन्य कांवड़िए भी चल रहे थे। इस जत्थे में एक किशोर कांवड़िया बुलंदशहर निवासी विरेंद्र शामिल था। बारिश के बावजूद कांवड़ लेकर चल रहे बुलंदशहर के इन श्रद्धालुओं से बात करने पर उन्होंने बताया कि वे बुलंदशहर के आहार स्थित भगवान के शिव के मंदिर पर पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे। मंदिर की मान्यता का जिक्र करते हुए श्रद्धालुओं ने बताया कि ऐसा माना जाता है कि आहार में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर भगवान श्रीकृष्ण रुकमणि के साथ आए थे।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप