जेएनएन, बिजनौर। तालाबों के बचाने के लिए सरकार मुहिम चलाती है। एक दशक पहले कई तालाबों को माडल तालाब बनाया गया था। लेकिन एक बार काम करने के बाद सरकारी तंत्र उसकी ओर ध्यान नहीं देता है। उपेक्षा के चलते अतिक्रमण और अवैध कब्जों ने तालाबों का अस्तित्व समाप्त कर दिया है।

धामपुर तहसील के गांव बेगराजपुर में भी ऐसा ही तालाब है। जो कई वर्षों से उपेक्षा का शिकार हुआ पड़ा है। हालत यह है कि आसपास के ग्रामीणों ने अवैध कब्जों से तालाब का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया है। करीब एक बीघा से अधिक का तालाब आज आधे से कम रह गया है। इसके आसपास बसी कालोनियों में दबंग लगातार तालाब पर कब्जा करते जा रहे हैं। यहां तक कि तालाब में भराव करके लोग अपने ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य वाहन भी खड़े करने लगे हैं। पूरा तालाब घास-फूस व झाड़ियों से भर गया है।

आज कब्जे के कारण व तालाब के पासपास लगातार मकान बनने और अवैध कालोनी बसने से ग्रामीणों को भारी परेशानी होने लगी है। कुछ साल पहले तक गांव का पानी सीधे तालाब तक पहुंचता था, लेकिन अब यहां पानी निकासी ना होने से जहां तालाब सूख गया है, वहीं गांव में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। बरसात में तो हालात और भी खराब हो जाते हैं, तालाब तक पहुंचने वाली नालियों पर कब्जा होने से बंद कर दी गई हैं। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। कुछ साल पहले तालाब और आसपास की नालियों की सफाई भी कराई गई थी, लेकिन अवैध कब्जों के कारण पहले जैसी स्थिति बन गई है। गांव निवासी राधे श्याम, सुंदर सिंह चौहान, अमित विश्नोई आदि आदि ने कई बार लिखित शिकायत भी की है। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। इन्होंने कहा.

राजस्व कर्मियों को तालाब व राजस्व की जमीन से कब्जे हटवाने के निर्देश दिए गए हैं। इस तालाब का मामला संज्ञान में नहीं है, संबंधित अधिकारी से जांच करा कर जल्द ही तालाब को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।

-- धीरेंद्र सिंह, एसडीएम, धामपुर।

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