चांदपुर (बिजनौर): लोक सभा चुनाव से ठीक पहले होली का पर्व है। रंगोत्सव की शुरूआत रविवार को रंग एकादशी के संग शुरू हो गई। बच्चों से लेकर युवा व बुजुर्ग सभी रंगों की मस्ती में सराबोर हो गए हैं। माहौल चुनावी के बीच जगह-जगह रंग एकादशी का जुलूस प्रेम और सौहार्द के बीच निकाला गया। अबीर और गुलाल के साथ फूलों की होली खेली गई। लेकिन, रंगों के इस उल्लास के बीच एक ऐसा रंग भी युवा पर चढ़ा नजर आया जो राजनीति गलियारों में दस्तक देता दिखाई दिया। वह रंग था भगवा। जुलूस में युवाओं के अलावा अन्य लोग भगवा रंग के विशेष परिधान में नजर आए। भगवा रंग के चोले में सजे युवा भारी जोश के साथ होली की मस्ती में सराबोर दिखाई दिए। रंगों के इस जुलूस में भगवा रंग अलग ही नजर आया। भगवा रंग के कपड़े पहने युवाओं का कहना था कि होली का जश्न है, इसमें केसरिया रंग शामिल किया जाए तो उसका अलग ही अंदाज होता है। कहा कि यह कोई राजनीति रंग नहीं है यह हमारे राष्ट्र ध्वज के तीन रंगों में से एक रंग है। जो समाज को नई रोशनी देता है। उधर, भगवा रंग में नजर आए युवाओं को देख सियासी लोग इसके सियासी मायने निकाल रहे हैं। चुनावी माहौल के बीच भगवा रंग को देख सियासतदां चुनावी चर्चा करने लगे हैं।

Posted By: Jagran

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