गन्ने में कैसे बनती है मिठास? UP के कई जिलों में लगातार बरसात से फिलहाल गन्ने में 'चीनी कम'
Bijnor News: लगातार तीन दिन की भारी बारिश ने बिजनौर और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गन्ने की फसल ...और पढ़ें

AI जेनरेटिड फोटो
HighLights
बिजनौर में चीनी की रिकवरी कम होने से मिलों का पेराई सत्र प्रभावित होने की संभावना।
नौ प्रतिशत से कम चीनी की रिकवरी पर मिल चलाने से संचालक कर सकते हैं इनकार।
अजीत चौधरी, बिजनौर। बिजनौर और यूपी के कई अन्य जिलों में लगातार तीन दिन हुई बरसात ने गन्ने की फसल के पकने की प्रक्रिया को रोक दिया है। गन्ने की फसल अभी कुछ और दिन कच्ची रहेगी। यानी गन्ने से चीनी की रिकवरी कम रहेगी। इसका असर चीनी मिलों के पेराई सत्र पर पड़ सकता है। मिल प्रशासन ने अब गन्ने की रिकवरी की जांच भी आठ-दस दिन टाल दी है। बरसात से कोल्हू व क्रशर पर भी गन्ने की पेराई रुक गई है।
इस बार चीनी मिलों की पेराई सत्र जल्दी शुरू करने की योजना है। बरकातपुर चीनी मिल ने सबसे पहले 16 अक्टूबर को मिल में पेराई शुरू करने की संभावित तिथि दी है। मिलों में पेराई शुरू होने से पहले चीनी आदि की रिकवरी की जांच की जाती है। देखा जाता है कि एक क्विंटल गन्ने से कितनी चीनी बन रही है। इससे ये भी पता चलता है कि गन्ना कच्चा है या पक गया है।
ऐसे बनती है मिठास
नगीना स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विज्ञानी डा. केके सिंह के अनुसार गन्ने में दो पदार्थ होते हैं सुक्रोज और ग्लूकोज। ग्लूकोज गन्ने में मौजूद पानी और सुक्रोज मिठास होती है। सुक्रोज से ही चीनी बनती है। लगातार बरसात होने से खेत में पानी भरने और धूप न निकलने से पौधा जड़ या पत्ती से अपना खाना नहीं बना पाता है।
ऐसे में वह अपने अंदर के सुक्रोज की ही खपत करके अपना खाना तैयार करता है। इससे रिकवरी घट जाती है। गन्ने में 70 प्रतिशत तक पानी होता है। इसके अलावा दस से 12 प्रतिशत तक बगास, तीन से चार प्रतिशत शीरा और 11 प्रतिशत सुक्रोज होता है। अतिवर्षा से खेत में पानी भरने पर गन्ने में पानी भी 80 प्रतिशत हो जाता है तथा सुक्रोज कम हो जाता है।
इन्होंने कहा...
कुछ दिन पहले रिकवरी देखी गई थी। छह प्रतिशत रिकवरी आई थी। बरसात की वजह से रिकवरी में कोई वृद्धि नहीं हुई होगी। नौ प्रतिशत से कम रिकवरी पर मिल नहीं चला सकते हैं। खेतों में पानी भरा है। इसका असर पेराई पर पड़ेगा।
-नरपत सिंह, संयुक्त अध्यक्ष, बरकातपुर चीनी मिल
बरसात से खेतों में पानी भर गया है। फसल भी गिरी है। अभी इसका असर पैदावार और रिकवरी दोनों पर पड़ेगा। मिलों में मशीनों की मरम्मत कार्य पर नजर रखी जा रही है। -ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
