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बिजनौर में Haridwar-Kashipur हाईवे की सर्विस लेन के कट पर बोर्ड और बैरिकेडिंग नहीं, हर वक्त हादसे का खतरा

By Rahul Shyam Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 26 Oct 2026 04:16 PM (IST)

बिजनौर के शेरकोट में हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे पर सर्विस लेन कट पर संकेतक और बैरिकेडिंग न होने से हादसों का ...और पढ़ें

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HighLights

  1. तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को कट का पता नहीं रहता।

  2. सर्विस लेन से कट पर चढ़ने वाले स्थान पर नहीं रहती है बैरिकेडिंग।

संवाद सूत्र, शेरकोट (बिजनौर)। हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे से शेरकोट के मुहल्ला फतेहनगर के सामने सर्विस लेन पर जाने के लिए कट बना हुआ है। नेशनल हाईवे से नगर के अंदर जाने वाला यह मुख्य मार्ग है, लेकिन सर्विस लेन के कट पर ना ताे काेई संकेतक लगा है और ना ही यहां पर बैरिकेडिंग की जाती है। जिससे यहां हर समय हादसों का डर बना रहता है। बड़ी संख्या में स्कूली वाहन, छोटे व बड़े वाहन नगर से हाईवे पर चढ़ने के लिए इसी कट का उपयोग करते हैं।

हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का करीब चार वर्ष पहले पूरा हुआ था। उस समय शेरकोट में खो नदी पर नया पुल बना था, जिससे शहर के बाहर की ओर से हाईवे गुजरता है। जबकि नगर के अंदर को जाने वाला मुख्य पुराना पुल है, लेकिन अंग्रेजों के समय का होने चलते अब क्षतिग्रस्त है, प्रशासन अब इस पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।

इसी कारण मुहल्ला फतेहनगर के सामने हाईवे से नगर के अंदर जाने को बने कट से बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। यही से टैंपो स्टैंड व पुलिस चौकी को जाने वाला मुख्य कट है। जिससे स्कूली वाहन, छोटे-बड़े सभी वाहन हाईवे पर चढ़ते हैं। लेकिन कट पर ना तो कोई संकेतक है और ना ही बैरिकेडिंग की गई है। जिससे हाईवे पर तेज गति से आने वाले वाहनों को सर्विस लेन के कट के बारे में पता नहीं लग पाता है।

अचानक जब कोई वाहन चढ़ता है तो पीछे से आ रहे तेज गति के वाहन से हादसों का डर रहता है। हालांकि यहां रात में पथ प्रकाश की व्यवस्था है और गनीमत है कि अभी तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। कई बार बाइक सवार एक-दूसरे से टकरा जाते हैं। सामाजिक संस्था हम वेलफेयर सोसायटी और व्यापार मंडल द्वारा पालिका को ज्ञापन दिया गया था।

ये हैं मुख्य समस्या

  • नेशनल हाईवे पर तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को कट का पता नहीं रहता।
  • सर्विस लेन से कट पर चढ़ने वाले स्थान पर नहीं रहती है बैरिकेडिंग।
  • कट के पास कोई बड़ा संकेतक या शहर में जाने वाले मार्ग का बोर्ड नहीं लगा है।
  • कट पर स्कूली व छोटे-बड़े वाहनों को चढ़ने के लिए इंतजार करन पड़ता है।
  • स्कूली बच्चे भी कट पर खड़े होकर वाहन का इंतजार करते हैं।
  • सर्विस लेन से बड़े वाहनों को हाईवे पर चढ़ने को पर्याप्त स्थान भी नहीं है, जिससे घूमने में परेशानी होती है।
  • कट पर कोई हाई मास्ट लाइट भी नहीं है।

इन्हाेंने कहा

यह समस्या अभी संज्ञान में नहीं है। यह रोड एनएचएआई के अंतर्गत आता है, स्थानीय पुलिस द्वारा जांच कराकर और संबंधित विभाग से संपर्क कर संकेतक व बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
-डा. अन्जनी कुमार चतुर्वेदी, सीओ धामपुर।