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गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए भूमि की नापजोख करने गांवों में पहुंची NHAI व राजस्व विभाग की टीम

By Virendra Rana Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 02 Jun 2026 06:30 AM (IST)

Gorakhpur-Shamli Expressway : गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे के लिए बिजनौर के स्योहारा क्षेत्र में भूमि नापजोख का कार्य शुरू हो गया है। ...और पढ़ें

ब‍िजनौर के गांव में भूमि की नापजोख का कार्य करते टीम के सदस्‍य।

ब‍िजनौर के गांव में भूमि की नापजोख का कार्य करते टीम के सदस्‍य।

HighLights

  1. बिजनौर में भूमि चिन्हीकरण व मापन का कार्य

  2. स्योहारा क्षेत्र के गांवों में हो रहा सर्वेक्षण।

संवाद सूत्र, स्योहारा (बिजनौर)। गोरखपुर–शामली एक्सप्रेसवे को लेकर क्षेत्र में गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस परियोजना के तहत भूमि चिन्हित करने के बाद सोमवार को एनएचएआई एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भूमि की नापजोख का कार्य शुरू कर दिया।

सोमवार को एनएचएआई टीम के साथ हलका लेखपाल ज्योति सिंह तथा अन्य राजस्वकर्मी गांव खिड़का मुजाहिदपुर, निचलपुर और रैनी पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों की जमीन का सर्वेक्षण एवं नापजोख कार्य किया। टीम ने खेतों में सीमेंटेड पाेल लगाकर प्रस्तावित मार्ग की निशानदेही भी की।

अधिकारियों के अनुसार यह कार्य केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है बल्कि क्षेत्र के तीन से चार अलग-अलग स्थानों पर एक साथ भूमि चिन्हीकरण और मापन का कार्य चल रहा है। इससे एक्सप्रेस-वे की अंतिम रूपरेखा तैयार करने में तेजी आएगी। इसकी चौड़ाई लगभग 150 मीटर निर्धारित की गई है।

इसमें मुख्य हाईस्पीड मार्ग के साथ सुरक्षा क्षेत्र तथा भविष्य में विस्तार की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा गया है। भूमि मापन कार्य शुरू होने से प्रभावित गांवों के किसानों में परियोजना को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जा रही हैं ताकि परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

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स्टेशन पर पत्थर गिरने के मामले में जांच को पहुंचे एडीआरएम

धामपुर: रेलवे स्टेशन धामपुर का आधुनिक भवन करोड़ों रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है। लेकिन पिछले लगभग 15 दिनों में नए भवन के पत्थर व टाइल्स गिरने के तीन मामले सामने आ चुके हैं। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी है और लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।

इस मामले में सोमवार को मुरादाबाद एडीआरएम धामपुर स्टेशन पर निरीक्षण करने पहुंचे। लेकिन इस दौरान पत्थर गिरने के मामले में अधिकारी मीडिया से बचते नजर आए और आरपीएफ द्वारा मीडिया को स्टेशन परिसर के अंदर जाने से भी रोका गया।

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