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क्या आप जानते हैं गंगा में मिलने वाली डाल्फिन अंधी होती हैं, बिजनौर में खूब अठखेलियां कर रहीं डाल्फिन

By Ajeet Chaudhary Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 04 Oct 2026 07:08 PM (IST)

गंगा नदी में बिजनौर के पास डाल्फिनों की अठखेलियां पर्यटकों को खूब लुभा रही हैं। पानी का स्तर बढ़ने से ...और पढ़ें

गंगा में अठखेलियां करती डाल्फिन। सौजन्य वन विभाग

गंगा में अठखेलियां करती डाल्फिन। सौजन्य वन विभाग

HighLights

  1. बिजनौर के पास डाल्फिनों की वापसी, पर्यटकों को आकर्षित कर रही।

  2. "मेरी गंगा मेरी सूंस" अभियान से डाल्फिन संरक्षण को मिल रहा बढ़ावा।

  3. बिजनौर में डाल्फिनों की संख्या बढ़ी, प्रजनन भी लगातार जारी है।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। जिले में गंगा की धारा में डाल्फिन खूब अठखेलियां करती है। गंगा में अठखेलियां करती डाल्फिन पर्यटकों को रिझा रही हैं। हाल ही में गंगा की धारा में पानी अधिक होने पर डाल्फिन फिर से बैराज तक आती हुई दिख रही हैं। बरसात से पहले पानी उथला होने पर डाल्फिन यहां से दूर चली गई थी। अब पूरे सर्दी डाल्फिन के दर्शन गंगा बैराज पर होते रहेंगे।

उत्तराखंड के बाद उत्तर प्रदेश में गंगा सबसे पहले बिजनौर में प्रवेश करती है। यहां के गांव सबलगढ़ से गंगा जिले की सीमा में प्रवेश करती है। गंगा में जलीय जीवों की भी कमी नहीं है। गंगा की धारा में मगरमच्छ, घड़ियाल और डाल्फिन भी हैं। डाल्फिन के संरक्षण के लिए भारत सरकार द्वारा मेरी गंगा मेरी सूंस अभियान भी चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत डाल्फिन की गणना का शुभारंभ भी गंगा बैराज से किया जाता है।

बीते वर्ष डाल्फिन की गणना की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है लेकिन इस समय भी जिले की सीमा में ही दस से 12 जगह पर डाल्फिन की अधिक मूवमेंट देखी जा रही है। वन विभाग द्वारा नदियों किनारे होने वाले सर्च अभियान, कांबिंग आदि में डाल्फिन लगातार दिख रही हैं। बरसात से पहले धारा में पानी कम होने और सिल्ट होने के कारण डाल्फिन गहरे पानी की ओर चली गई थी। गंगा में मिलने वाली डाल्फिन अंधी होती हैं। ये अपने शरीर से निकलने वाली तरंगों के माध्मय से शिकार करती हैं।

गंगा में लगातार प्रजनन भी कर रही हैं डाल्फिन
गंगा में डाल्फिन लगातार प्रजनन भी कर रही हैं। गणना के समय गंगा में डाल्फिन के बच्चे भी मिलते हैं। मादा डाल्फिन का आकार नर से बड़ा होता है। गंगा में डाल्फिन के संरक्षण के लिए मोटर बोट के बजाए बैटरी वाली नाव चलाई जा रही हैं। इनसे अधिक कंपन नहीं होता है और पानी प्रदूषित भी नहीं होता है।

वर्ष 2024 में जिलेवार डाल्फिन की स्थिति
स्थान, जिला, 2020 में, 2023 में, 2024 में
मध्य गंगा बैराज से सिरजेपुर, बिजनौर-मुजफ्फरनगर और मेरठ, 07, 07, 14
सिरजेपुर से खड़कली, बिजनौर-मेरठ, 13, 13, 09
खड़कली से ब्रजघाट, मेरठ-अमरोहा-हापुड़, 11, 05, 06

ब्रजघाट से भगवानपुर, हापुड़-अमरोहा, 02, 06,02
भगवानपुर से अनूपशहर, संभल-बुलंदशहर, 02, 08, 17
अनूपशहर से नरौरा बैराज, संभल-बुलंदशहर, 06, 04, 04
योग, ---------------41, 50, 52

नोट : आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं। 2025 के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

डाल्फिन का कुनबा इस बार भी बढ़ा हुआ मिलेगा
विभागीय कर्मचारी गंगा में कई जगह पर डाल्फिन दिखने की सूचना देते हैं। गंगा की धारा में डाल्फिन गंगा बैराज के पास तक दिखाई देती हैं। उम्मीद है कि डाल्फिन का कुनबा इस बार भी बढ़ा हुआ मिलेगा।-जय सिंह कुशवाहा, डीएफओ