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बिजनौर: पहाड़ों पर बरसात से गंगा और मालन के उफनने से फिर बाढ़ के हालात; मेरठ रोड पर कटान का खतरा

By Ajeet Chaudhary Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 28 Sep 2026 12:47 PM (IST)

Bijnor News: पहाड़ों पर लगातार हो रही बरसात से बिजनौर में गंगा और मालन नदियां उफान पर हैं, जिससे जलीलपुर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. रपटे के दो फीट ऊपर बह रहा मालन का पानी, नाव चलाकर हो रही नदी पार।

  2. रविवार को मालन में पानी बहुत कम था, लेकिन रात में नदी उफन गई।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। पहाड़ों पर हो रही बरसात से गंगा और मालन फिर से उफन गई हैं। गंगा का पानी जलीलपुर क्षेत्र के कई गांवों के खेतों में भर गया है। गांव वालों द्वारा खुद ठीक गए मेरठ मार्ग पर फिर से कटान का खतरा मंडरा गया है। वहीं मालन का पानी भी रावली-शहजादपुर रपटे पर दो फीट ऊपर तक चल रहा है। गांव वालों को यहां रपटा पार कराने के लिए फिर से नाव चलाई जा रही है।

दो दिन से जिले के साथ पहाड़ों पर भी रूक रूककर बरसात हो रही है। सोमवार को मौसम खुलने की उम्मीद जगी थी लेकिन फिर से बरसात होने लगी है। पहाड़ों पर बरसात से भीमगौड़ा बैराज से रविवार को पानी छोड़ गया था। देर रात जिले में गंगा का जलस्तर 70 हजार से बढ़कर 2.06 लाख क्यूसेक हो गया था। गंगा का पानी जलीलपुर क्षेत्र के गांव सलेमपुर, रायपुर खादर, सुजातपुर आदि गांवों के खेतों में भर गया है।

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आशंका है कि इन गांवों में भी जल्दी ही पानी आ जाएगा। मालन भी उफनने लगी है। रविवार को मालन में पानी बहुत कम था लेकिन रात में नदी उफन गई। सोमवार तड़के मालन का पानी रावली-शहजादपुर रपटे पर आ गया। रपटे पर दो फीट तक पानी चल रहा है। यहां फिर से नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है। मालन का पानी कई गांवों के खेतों में भी भर गया है।

सोमवार सुबह को भी गंगा में लगभग 1.75 लाख क्यूसेक पानी चल रहा है। भीमगौड़ा बैराज से 1.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बाकी पानी सोलानी और मालन का गंगा में मिल रहा है। आशंका जताई जा रही है कि अभी गंगा और मालन के उफान से राहत नहीं मिलेगी। अगर जिले में बरसात रूक भी जाए तो भी पहाड़ों पर बरसात न रूकने तक नदियां ऐसे ही उफनती रहेंगी।

पहाड़ों पर लगातार बरसात हो रही है। बरसात के कारण गंगा और मालन में पानी सामान्य से अधिक आ रहा है। पहाड़ों पर बरसात रूकने से फिर से नदियों में पानी सामान्य हो जाएगा।
-कर्णपाल सिंह, अधिशासी अभियंता- सिंचाई विभाग