बिजनौर, जेएनएन। दूषित भोजन खाने से एक ही परिवार के दो सगे मासूम भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि दो बहनों समेत चार की हालत गंभीर है। इनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सूचना पर गांव पहुंची डाक्टरों की टीम ने अन्य बच्चों की जांच की। चिकित्सकों का कहना है कि दूषित भोजन खाने से बच्चों को डायरिया हुआ था।

रतनगढ़ गांव निवासी जयप्रकाश के पुत्र कार्तिक डेढ़ वर्ष व पुत्री लोकेश चार वर्ष की गुरुवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें उल्टी और दस्त भी हुए। रात में निजी चिकित्सक के यहां दोनों की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग अभी दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार भी नहीं कर सके थे कि शुक्रवार सुबह जयप्रकाश की बड़ी पुत्री मानवी (5) व ऐश्वर्या (7) के अलावा परिवार के ही नीरज की पुत्री प्रीति व मनोज की पुत्री सोनाली की भी हालत बिगड़ गई। सभी को नूरपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पीएचसी प्रभारी डा. अजय धर्मेश टीम के साथ गांव पहुंचे। शिविर लगाकर बच्चों की जांच की। यहां कुछ बच्चे बुखार व अन्य मौसमी बीमारी से पीड़ित मिले। उधर, दोपहर को डा. एसीएमओ डा. शैलेष जैन ने गाव का दौरा किया।

कुपोषित श्रेणी में थे बच्चे

पीएचसी प्रभारी डा. अजय धर्मेश ने बताया कि मृतक बच्चों का पूर्व में परीक्षण किया गया था। ये कुपोषित श्रेणी में पाए गए थे। परिजनों को जिला अस्पताल में ले जाकर उपचार कराने की सलाह भी दी गई थी। कुपोषित बच्चों को सरकार की ओर से निश्शुल्क 14 दिन को कोर्स दिया जा रहा है।

इनका कहना है..

बीमार बच्चों की हालत में सुधार है। बीमार बच्चों में डायरिया के लक्षण पाए गए हैं। इनका इलाज किया जा रहा है।

- डा. शैलेष जैन, एसीएमओ।

Posted By: Jagran

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