जेएनएन, बिजनौर। दवा के पैसे मांगने पर बेटे ने वृद्ध पिता की चाकू मारकर हत्या कर दी और मौके से भाग गया। दूसरे बेटे ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

नगर के मोहल्ला जाब्तागंज में 70 वर्षीय यूसुफ स्वजन के साथ रहते थे। दूसरे बेटे आदिल ने बताया कि सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे पिता ने भाई आसिम से बहन की दवा लाने के लिए पैसे मांगे थे। यह सुनकर आसिम आगबबूला हो गया और पिता पर चाकू से हमला कर दिया। पिता को तड़पता छोड़कर आसिम भाग गया। थोड़ी देर बाद पिता की मौत हो गई। थाना प्रभारी दिनेश गौड़ व जाब्तागंज पुलिस चौकी प्रभारी धीरज सिंह मौके पर पहुंच गए। आदिल ने पुलिस को बताया कि उसके भाई आसिम ने पिता की हत्या की है। पुलिस ने आदिल की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ गजेंद्र पाल सिंह ने भी स्वजन से जानकारी ली।

धोखाधड़ी से कार बेचने का आरोप, दर्ज होगा मुकदमा

संवाद सहयोगी, बिजनौर : सीजेएम कोर्ट ने कार शोरूम के दो सहायक मैनेजर, मैनेजर, प्रोपराइटर और एक फाइनेंस कंपनी मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

चांदपुर थानाक्षेत्र के गांव खेड़की निवासी मोहम्मद आरिफ ने चौधरी हुंडई शोरूम बिजनौर से सेंट्रो कार खरीदने के लिए संपर्क किया। पीड़ित ने 1.89 लाख रुपये नकद और 2.59 लाख रुपये का चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी से ऋण लेकर कार का भुगतान कर दिया। आरिफ के जीजा खलील अहमद को हुंडई शोरूम की सहायक मैनेजर निशा और नासिर, मैनेजर, प्रोपराइटर विवेक चौधरी ने वाहन दे दिया। रजिस्ट्रेशन और बीमा के कागजात बाद में देने को कहा।

शोरूम से कार के कागजात नहीं मिलने पर उन्होंने एआरटीओ में संपर्क किया तो पता चला कि कागजात वहां भी नहीं भेजे गए। आरोप है कि आरोपितों ने जालसाजी और धोखाधड़ी से पीड़ित को कार दे दी। वहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक लाकडाउन में खरीदे गए वाहन के रजिस्ट्रेशन के लिए 10 दिन का समय मिलता है।

मामले में सीजेएम विमल त्रिपाठी ने चौधरी हुंडई शोरूम बिजनौर के दो सहायक मैनेजर, प्रोपराइटर, मैनेजर और एक फाइनेंस कंपनी के मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। शोरूम के मालिक विवेक चौधरी का कहना है कि उन्हें प्रकरण की जानकारी नहीं है। मामले को दिखवाएंगे।

Edited By: Jagran