बिजनौर, जेएनएन। कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है और अलग-अलग रंग बदलकर लोगों की सेहत के लिए खतरा बन रहा है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए तो यह प्राणघातक सिद्ध हो रहा है, लेकिन युवा वर्ग भी चपेट में आ रहा है। गांव रूपपुर के युवा धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कोरोना को मात दी है। उन्होंने साहस का परिचय देते हुए कोरोना को खुद पर हावी नहीं होने दिया। मन की मजबूती और जरूरी दवाइयों के सेवन से कुछ ही दिन में कोरोना से जंग जीत ली।

गांव रूपपुर निवासी धीरेंद्र प्रताप सिंह मेरठ में एक प्राइवेट कंपनी में कार्य करते हैं। पिछले दिनों वह गांव आए तो बुखार से पीड़ित हो गए। गले में भी परेशानी हुई। समय की नजाकत को देखते हुए उन्होंने कोरोना टेस्ट कराया। तीन दिन बाद रिपोर्ट आने पर उनके पाजिटिव होने की पुष्टि हुई। इससे वह न तो घबराए और न ही कोरोना को खुद पर हावी होने दिया। सबसे पहले खुद को घर में आइसोलेट कर लिया। चिकित्सक से परामर्श करते हुए जरूरी दवाइयां लीं और इलाज शुरू कर दिया। खुद को अलग कमरे में रखते हुए संगीत का आनंद लिया। हल्का योग और व्यायाम शुरू कर दिया। शुरुआत में थोड़ी थकान महसूस हुई, लेकिन वह हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सुबह-शाम गर्म पानी से गरारे किए और काढ़े का प्रयोग किया। मन में ठान रखा था कि जल्द ही कोरोना को मात देनी है। इच्छाशक्ति और नियमों के पालन के माध्यम से बहुत जल्द ही उन्होंने कोरोना को मात दे दी। उनका कहना है कि अब समय कठिन है, लेकिन कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है। बिना वजह घर से बाहर न निकलें और मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करते रहें।