कालागढ़ (बिजनौर) : सोमवार को प्रशासन ने एनजीटी एवं नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बड़ी संख्या में कालागढ़ स्थित आवासों का पीएसी एवं पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी की सहायता से ध्वस्तीकरण किया गया। उपजिलाधिकार कोटद्वार आरके तिवारी ने बताया कि सोमवार से शुरू की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तीन दिनों तक जारी रहेगी। ध्वस्तीकरण के विरोध में रामगंगा मार्केट बंद रहा।

रामगंगा बांध परियोजना की केन्द्रीय कालोनी एवं नई कालोनी में प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी की सहायता से सरकारी आवासों को जमींदोज कर दिया गया। तीन दिनों तक चलने वाली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में प्रशासन ने पहले दिन केन्द्रीय कालोनी में 50 आवास व नई कालोनी में 10 आवासों को तोड़ा। सरकारी आवासों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में एसडीएम कोटद्वार आरके तिवारी के नेतृत्व में केन्द्रीय कालोनी व एसडीएम लैंसडाउन कमलेश मेहता के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया। नई कालोनी में सबसे पहले रामगंगा बांध के अधिशासी अभियंता शेर ¨सह के आवास को तोड़ा गया। उसके बाद वन विभाग के कब्जे वाले दो एसबी टाइप आवासों को ध्वस्त किया गया। साथ ही कार्बेट पार्क के उपप्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय एवं आवास की चाहरदीवारी को भी तोड़ दिया गया। उनके विद्युत कनेक्शनों को भी काट दिया गया। कार्रवाई में रामगंगा बांध परियोजना के सहायक अभियंता किशोर कुमार, सहायक अभियंता मनोज कुमार लखवार, कार्बेट पार्क के वार्डन शिवराज चंद्र, हरीश वर्मा एडीशनल एसपी कोटद्वार, डीएम तोमर सीओ पौड़ी, हरिद्वार जनपद के दो सीओ बीरेन्द्र डबराल, चंद्र ¨सह बिष्ट, आठ इंस्पेक्टर, 41 उपनिरीक्षक, तीन कंपनी पीएससी एवं विभिन्न जनपदों से भारी पुलिस तैनात थी। ऊर्जा निगम के जेई दिनेश कुमार के नेतृत्व में कनेक्शन काटकर विद्युत मीटर उतारने की कार्रवाई की जा रही थी।

Posted By: Jagran

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