जेएनएन, बिजनौर। सरकार ने भले ही करोड़ों रुपये खर्च कर बेसहारा गोवंश को संरक्षित करने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कान्हा पशु आश्रय स्थल और वृहद गोशालाएं बनवाई, कितु रखरखाव के अभाव में संरक्षित गोवंश को भरपेट भोजन नहीं मिल रहा। वहीं इन गोशालाओं में सफाई की स्थिति भी बद से बदतर है।

पिछले दिनों छाछरी में स्थित वृहद गोशाला एवं झालू कान्हा पशु आश्रय स्थल में अनियमितता मिलने पर डीएम ने जिले की सभी गोशाला में गोवंश की जांच कराई है। उधर, डीएम ने मंगलवार को प्रशासनिक अफसरों के साथ नुमाईश मैदान में स्थित कान्हा पशु आश्रय स्थल का निरीक्षण किया और लापरवाही मिलने पर ईओ की क्लास लगाई। पालिका परिषद बिजनौर समेत सभी 18 निकायों में कान्हा पशु आश्रय स्थल और ग्राम छाछरी में वृहद गौशाला समेत कई स्थानों पर गोशाला बनाई गई है। इन गोशालाओं में बेसहारा गोवंश को संरक्षित करने और उनकी देखरेख का दायित्व ईओ एवं बीडीओ को सौंपा गया था। वहीं प्रत्येक गोशाला में इन पशुओं के परीक्षण का जिम्मा पशु चिकित्सकों को सौंपा गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में गोशालाओं में संरक्षित बेसहारा गोवंश को भरपेट चारा नहीं मिल पा रहा। पिछले दिनों छाछरी में स्थित वृहद गोशाला के निरीक्षण के दौरान डीएम को संरक्षित गोवंश कमजोर हालत में मिला था। वहीं झालू गोशाला में भी कई गोवंश की हालत ठीक नहीं थी। डीएम ने गोशालाओें में संरक्षित बेसहारा गोवंश की देखरेख में मिल रही अनियमितताओं की जांच सभी एसडीएम को सौंप दी। मंगलवार को डीएम उमेश मिश्रा ने सीडीओ केपी सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक के साथ नुमाइश ग्राउंड स्थित कान्हा पशु आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। डीएम ने अधिशासी अधिकारी तथा सेनेटरी इंस्पेक्टर को निर्देशित किया कि गोशाला में सफाई व्यवस्था में सुधार कराए जाने के साथ निर्माणाधीन शेड का काम पूरा कराएं। वहीं उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को विद्युत लाइन शिफ्टिग का काम भी पूरा करने की हिदायत दी। वहीं उन्होंने नुमाइश ग्राउंड पर सफाई सही नही मिलने पर अधिशासी अधिकारी और सफाई निरीक्षक की क्लास लगाई और तुरंत सफाई और सुंदरीकरण कराने निर्देश दिए।

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