60 साल पुराना हो चुका बिजनौर का पीली बांध, सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर... विशेषज्ञों ने परखी स्थिति
बिजनौर का 60 साल पुराना पीली बांध विशेषज्ञों की टीम द्वारा सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिति के लिए निरीक्षण किया गया। ...और पढ़ें

रेहड़ में पीलीबांध की सुरक्षा व तकनीकी बिंदुओं पर निरीक्षण करती टीम। सौ. विभाग
HighLights
बिजनौर जनपद का पीली बांध 60 साल पुराना हो चुका है।
विशेषज्ञों की टीम ने बांध की सुरक्षा का निरीक्षण किया।
आधुनिकीकरण और नवीनीकरण की परियोजना तैयार होगी।
संवाद सूत्र, रेहड़ (बिजनौर)। बनैली, रामगंगा व धारा नदी पर बने पीली बांध की सुरक्षा एवं संरचनात्मक की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए शनिवार को विशेषज्ञों की टीम यहां पहुंची। टीम ने तकनीकी मूल्यांकन किया, यह बांध लगभग 60 वर्ष पुराना हो चुका है। अधिकारियों के मुताबिक बांध के आधुनिकीकरण, नवीनीकरण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए यह निरीक्षण किया गया है, इसकी रिपोर्ट के आधार पर इसके लिए सुरक्षा व नवीनीकरण की परियोजना बनाई जाएगी।
पीली बांध का निर्माण कार्य वर्ष 1962 में प्रारंभ हुआ था और वर्ष 1966 में पूर्ण हुआ। अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 1966 से लगातार यह बांध क्षेत्र की सिंचाई आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ बाढ़ प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 60 वर्ष के दीर्घकाल को देखते हुए इसकी संरचनात्मक स्थिति, जल प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा उपकरणों तथा हाइड्रो-मैकेनिकल व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने शनिवार को विशेषज्ञों की टीम पहुंची।
निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बांध के विभिन्न महत्वपूर्ण हिस्सों का निरीक्षण करते हुए उसकी वर्तमान स्थिति का तकनीकी जायजा लिया। बांध की संरचनात्मक स्थिति, जल प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाओं, सुरक्षा उपकरणों तथा हाइड्रो-मैकेनिकल सिस्टम समेत बांध की दीर्घकालीन सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि बांध की सुरक्षा को देखते हुए विशेषज्ञों की टीम ने निरीक्षण किया है।
तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्यों की परियोजना तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी। स्वीकृति के बाद आवश्यक नवीनीकरण, आधुनिकीकरण एवं सुरक्षा सुदृढ़ीकरण के कार्य कराए जाएंगे। अधीक्षण अभियंता मुरादाबाद राजीव मित्तल, एक्सईएन अरुण सचदेवा, एसडीओ पंकज कुमार जैन आदि मौजूद रहे।
