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बिजनौर में पत्नी और प्रेमी सहित चार को उम्रकैद, अवैध संबंधों में बाधक बनने पर कराई थी पति की हत्या

Published: Thu, 28 May 2026 01:01 AM (IST)

बिजनौर में अवैध संबंधों के चलते पति की हत्या के मामले में पत्नी, प्रेमी समेत चार को आजीवन कारावास मिला। ...और पढ़ें

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संवाद सहयोगी, बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश शहजाद अली ने अवैध संबंधों में बाधक बनने पर प्रेमी और दो अन्य के साथ मिलकर पति की हत्या करने के मामले में आरोपित पत्नी दिलशाना, जावेद अली, अब्दुल वाहिद और आकाश को दोषी माना है। न्यायाधीश ने चारों आरोपितों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

एडीजीसी प्रमोद शर्मा और अजीत पवार के अनुसार राजन कुमार पुत्र सत्यवीर सिंह निवासी गांव बिजोरी ने नजीबाबाद थाने में सूचना दी कि वह एक स्टोन क्रेशर पर नौकरी करता है। 28 अगस्त 2024 को सुबह लगभग साढ़े आठ बजे वह स्टोन क्रेशर से अनमोल ढाबे पर चाय लेने जा रहा था।

मार्ग में गन्ने के खेत के पास सड़क किनारे नाली में एक व्यक्ति का शव पड़ा था। शव पर चाकू के वार के निशान थे। बाद में शव की पहचान रहीस निवासी गांव सुल्तानपुर आदमपुर थाना लक्सर जिला हरिद्वार के रूप में हुई। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।

विवेचना में पता चला कि रहीस की पत्नी दिलशाना और के जावेद से अवैध संबंध चल रहे थे। दिलशाना और जावेद अली को रहीस की मां ने घटना से कुछ दिन पहले आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। उसने इसके बारे में रहीस को बताया। इस पर रहीस ने अपनी पत्नी दिलशाना को मारपीट कर धमकाया था जिससे वह खफा चल रही थी।

27 अगस्त 2024 को रात में आरोपित जावेद अली रहीस को घर से बुलाकर अपने साथ ले गया था। अगले दिन सुबह रहीस का शव मिला। मार्ग में लगे सीसीटीवी फुटेज में पता चला कि जावेद अली रहीस के साथ जाता दिखाई दे रहा है।

विवेचना में पता चला कि रहीस की पत्नी दिलशाना ने अवैध संबंधों में बाधक बनने पर जावेद अली, अब्दुल वाहिद और आकाश के साथ मिलकर अपने पति रहीस की हत्या की और उसके शव को नाले में फेंक दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद चारों आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया।

न्यायाधीश शहजाद अली ने आरोपित जावेद अली, दिलशाना, अब्दुल वाहिद और आकाश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

बच्चों की शिक्षा के लिए डीएम को दिए निर्देश

उक्त मामले में मृतक रहीस की मां अल्लाह रक्खी ने अपने बयान में कोर्ट का अवगत कराया की मृतक रहीस के चार बच्चे हैं जो उसके साथ रहते हैं और नाबालिग हैं। रहीस की पत्नी दिलशाना को जेल में है। न्यायाधीश ने डीएम को निर्देश दिए कि वह उक्त चारों बच्चों की मुफ्त शिक्षा के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित करें, ताकि बच्चें पिता की हत्या की वजह से और माता के इस केस में जेल में होने की वजह से अशिक्षित न रहें।

बच्चों को क्षतिपूर्ति देने के निर्देश

न्यायाधीश ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर को उक्त आदेश की कापी भेजने के निर्देश दिए ताकि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मृतक रहीस के कानूनी वारिस और बच्चों को पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत क्षतिपूर्ति दिए जाने के संबंध में उचित कार्रवाई कर सके।

न्यायाधीश ने विवेचक की सराहना की

न्यायधीश ने विवेचक सब इंस्पेक्टर संजय कुमार तथा इल्म सिंह द्वारा विवेचना में बरती गई सतर्कता और सही जांच करने पर उनकी सराहना की। न्यायाधीश ने निर्णय की एक प्रति एसपी बिजनौर को भेजने के निर्देश दिए ताकि वह सब इंस्पेक्टर संजय कुमार और इल्म सिंह की प्रशंसा उनकी सर्विस रूप में दर्ज कर सकें।

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