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गन्ना, गोबर और नेपियर ग्रास बदलेंगे तस्वीर, बिजनौर में 550 करोड़ के निवेश से तैयार होगी CNG; किसानों को आर्थिक लाभ

By Ajeet Chaudhary Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 09 Sep 2026 12:59 PM (IST)

Bijnor News: बिजनौर 550 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ सीएनजी उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनने जा ...और पढ़ें

बिजनौर में बुंदकी मिल के पास बनाया जा रहा सीबीजी प्लांट। सौ. प्रशासन।

बिजनौर में बुंदकी मिल के पास बनाया जा रहा सीबीजी प्लांट। सौ. प्रशासन।

HighLights

  1. दस टीडीपी से लग रहा एक और सीबीजी प्लांट, प्रतिदिन 60 टन बनेगी सीएनजी

  2. प्लांट में गन्ने की प्रेस मड, नेपियर ग्रास और पशुओं के गोबर से बनाई जाएगी गैस।

  3. रिलायंस के बाद अब उत्तराखंड की एक प्रमुख कंपनी भी जिले में निवेश कर रही।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। जिला सीएनजी उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। यहां सीएनजी बनाने के लिए 550 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है, जिसमें से 138 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही धरातल पर उतर चुका है। रिलायंस के बाद अब उत्तराखंड की एक प्रमुख कंपनी भी जिले में निवेश कर रही है।

सीएनजी का उत्पादन गन्ने की प्रेस मड (मैली), नेपियर ग्रास और पशुओं के गोबर से किया जाएगा। अनुमान है कि जिले में प्रतिदिन 60 टन सीएनजी का उत्पादन संभव है, जो बिजनौर के अलावा एक अन्य जिले की खपत को भी पूरा कर सकता है।

पश्चिम एशिया में सन्य संकट के बाद देश की पेट्रोलियम पदार्थों पर निर्भरता कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए विभिन्न विकल्पों पर काम चल रहा है। पेट्रोल की खपत को कम करने के लिए चीनी मिलें गन्ने की प्रेस मड और अनाज से एथनाल का उत्पादन कर रही हैं।

हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार, देश में सीएनजी के संभावित उत्पादन का 24 प्रतिशत हिस्सा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तैयार किया जा सकता है, जिसमें बिजनौर जिला सबसे महत्वपूर्ण है। यहां दस चीनी मिलें हैं और कच्चे माल की कोई कमी नहीं है।

युवा बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से बुंदकी चीनी मिल के पास एक सीएनजी उत्पादन प्लांट पर तेजी से काम चल रहा है, जिसमें प्रतिदिन दस टन सीएनजी का उत्पादन किया जाएगा।

प्रेस मड के लिए बुंदकी और बहादरपुर मिलों के साथ एमओयू भी साइन किया गया है। यहां 31 अक्टूबर से सीएनजी उत्पादन की तैयारी की जा रही है। सुपर नेपियर ग्रास भी सीएनजी उत्पादन में बड़ा कच्चा माल है। उत्तराखंड की एक बड़ी कंपनी नजीबाबाद में दस टीडीपी का सीबीजी प्लांट लगाने जा रही है।

यहां सुपर नेपियर ग्रास से सीएनजी बनाई जाएगी। मिलों की प्रेस मड और पशुओं के गोबर का भी विकल्प हैं। सीएनजी बनने का बाद बचा माल जैविक खाद में काम आएगा।

ऐसे बनती है सीएनजी-पीएनजी

मिल की मैली को गलाया जाता है। इससे मीथेन गैस बनती है। मीथेन गैस को अधिक दबाव पर कंप्रेस करने पर सीएनजी बनती है जो वाहनों में प्रयोग होती है। मीथेन को कम दबाव में कंप्रेस कर पैक करने पर उससे पीएनजी बनती है जो रसोई में प्रयोग होती है। शुरुआत में इससे सीएनजी ही बनाई जाएगी।

यह करेंगी काम

स्योहारा, बिलाई चीनी मिल ने सीबीजी प्लांट लगाने का प्रस्ताव भेजा है जबकि चांगीपुर चीनी मिल जल्दी ही सीबीजी प्लांट लगा सकती है। चांदपुर मिल में भी सीबीजी प्लांट लगाया जाएगा। धामपुर मिल ने रिलायंस इंडस्ट्रीज, अफजलगढ़ व बुंदकी ने युवा बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड से एमओयू साइन किए हैं।

बिजनौर मिल धनौरा स्थित अपनी सहइकाई में मैली भेजेगी। मथुरा की एक कंपनी जिले में एक हजार गाय की डेरी खोलकर गोबर से सीएनजी प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है।

जिले में आने वाली कंपनी क्षमता निवेश

  • रिएनर्जी डायनेमिक्स प्राइवेट लिमिटेड 25 250
  • यूपी ग्रीन वेंचर्स 6 25
  • युवा बायो एनर्जी 10 100
  • आगमिक ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड 8 40

नोट: सीएनजी बनाने की क्षमता टन प्रतिदिन और निवेश करोड़ रुपये में है।

इन्होंने कहा...

बिजनौर जिला जल्दी इतनी सीएनजी बनाएगा कि बाहर से मंगाने की जरूरत नहीं होगी। उल्टा दूसरे जिलों को यहां से सीएनजी भेजी जा सकेगी। कई बड़ी कंपनी जिले में सीबीजी प्लांट लगाने जा रही हैं। इससे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी और किसानों को भी लाभ होगा।
-जसजीत कौर, डीएम