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बिजनौर में इस बार 10 दिन पहले चलेंगी शुगर मिलें, गेहूं की बुआई होगी आसान; 10 करोड़ क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य

By Ajeet Chaudhary Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 20 Sep 2026 04:46 PM (IST)

बिजनौर में चीनी मिलों में पेराई का काम अक्टूबर के मध्य से शुरू हो सकता है, जो सामान्य से लगभग ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

 प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. बिजनौर में चीनी मिलों की पेराई अक्टूबर मध्य से शुरू होगी।

  2. मिलों में मरम्मत कार्य 65 से 90 प्रतिशत तक पूरा हुआ।

  3. चांगीपुर चीनी मिल सबसे पहले पेराई शुरू करने को तैयार।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। जिले में चीनी मिलों में पेराई जल्दी कराने पर तेजी से काम किया जा रहा है। मिलों में मशीनों की मरम्मत का काम 65 से 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। चांगीपुर चीनी मिल सबसे पहले पेराई शुरू कर सकती है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से मिलों के क्रय केंद्र स्थापित होने का काम भी शुरू हो सकता है।

जिले की चीनी मिल नवंबर के पहले सप्ताह में पेराई शुरू करती हैं। बिलाई चीनी मिल सबसे पहले अक्टूबर के अंत में पेराई शुरू का देती थी। इस बार सभी चीनी मिलों की पेराई अक्टूबर के मध्य में ही शुरू कराने पर काम किया जा रहा है। कहने को तो पिछले वर्षाें के मुकाबले लगभग दस दिन पहले मिल चलेंगी लेकिन इसका मरम्मत के काम पर बहुत असर पड़ता है।

मिलों में मशीनों की मरम्मत का काम विशेषज्ञों की निगरानी में किया जाता है। अगर सामान्य से दस दिन पहले मिलों में पेराई शुरू करनी हो तो उसी हिसाब से मरम्मत के काम में भी तेजी लाई जाती है। इस वर्ष चीनी के दामों में तेजी के कारण पेराई जल्दी शुरू होगी।

इसके अलावा गन्ने का रकबा भी लगभग दो हजार हेक्टेयर तक बढ़ा है तथा खेतों में गन्ने की फसल भी बीते तीन चार वर्षाें की तुलना में सबसे बेहतर खड़ी है। शासन से भी मिलों की मरम्मत तेजी से करने के निर्देश दिए गए थे। चांगीपुर चीनी मिल मरम्मत में सबसे आगे है। यहां मशीनों की मरम्मत का काम 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।

दस करोड़ क्विंटल से अधिक जा सकती है पेराई

जिले में गन्ने का रकबा 2.57 लाख हेक्टेयर है। उम्मीद है कि इस बार चीनी मिल दस करोड़ क्विंटल से अधिक गन्ने की पेराई करेंगी। बीते वर्ष मिलों ने लगभग नौ करोड़ क्विंटल गन्ने की ही पेराई करी थी। गन्ना पेराई जल्दी शुरू होने से गेहूं की फसल भी जल्दी बोई जा सकेगी।

जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल का कहना है कि मिलों में मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। शासन की मंशा के अनुसार ही मिलों में पेराई शुरू कराई जाएगी। किसानों को गन्ना पर्ची से जुड़ी कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।

चीनी मिलों के रकबे और पूरे हुए मरम्मत कार्य के प्रतिशत पर एक नजर

क्र.सं. चीनी मिल रकबा (हेक्टेयर/एकड़) मरम्मत कार्य (%)
1 स्योहारा 30,419 75.75%
2 बिलाई 24,700 72.75%
3 बहादरपुर 30,948 76.25%
4 बरकातपुर 31,875 74.00%
5 बुंदकी 31,421 80.00%
6 चांदपुर 15,071 65.25%
7 बिजनौर 11,506 65.75%
8 चांगीपुर 14,803 90.75%
9 नजीबाबाद 14,749 67.00%
नोट: रकबा हेक्टेयर में और मरम्मत प्रतिशत में है।