बिजनौर में चीनी मिलें किसानों को समय पर देंगी गन्ना भुगतान, बैंकों से 1600 करोड़ का लोन मंजूर
बिजनौर की चीनी मिलें किसानों को समय पर गन्ना भुगतान के लिए बैंकों से लगभग 1600 करोड़ रुपये का कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) ले रही हैं।

तस्वीर- फाइल।
HighLights
चीनी मिलें किसानों को समय पर गन्ना भुगतान करेंगी।
बैंकों से 1600 करोड़ रुपये का कैश क्रेडिट लिमिट मांगा।
चीनी को गिरवी रखकर लिया जाएगा यह बड़ा लोन।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। जिले की चीनी मिलों में अभी गन्ना पेराई शुरू नहीं हुई है और भुगतान की तैयारी शुरू हो गई है। चीनी मिलों ने बैंकों से भुगतान के लिए बैंकों से लगभग 1600 करोड़ रुपये का सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) मांगा है। बैंकों को चीनी गिरवी रखकर समय से किसानों को गन्ना भुगतान दिया जाएगा। बाद में चीनी बेचकर बैंकों का कर्ज चुकाया जाएगा।
सितंबर के बाद अक्टूबर में भी जारी बरसात ने चीनी मिलों की पेराई को पीछे धकेल दिया है। आधी अक्टूबर से गन्ना पेराई शुरू करने की तैयारी कर रहीं चीनी मिल भी अब नवंबर में जाकर चलेंगी। हालांकि कोल्हुओं में किसान गन्ना ला रहे हैं। कोल्हुओं में गन्ना लाने पर किसानों को नगद भुगतान मिलता है।
बिलाई मिल को छोड़कर जिले की बाकी नौ मिलों की भुगतान की स्थिति बहुत अच्छी रहती है। गन्ना पेराई शुरू होने में दो पखवाड़े का समय है जबकि मिलों ने भुगतान की तैयारी शुरू कर दी है। मिल न तो एकदम से चीनी बेच पाती हैं और न ही एकदम पैसा उनके पास आता है।
किसानों को गन्ना भुगतान करने के लिए मिल बैंकों से सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) यानी लोन लेती हैं। इससे किसानों को समय से भुगतान कर दिया जाता है। बाद में मिल चीनी बेचकर बैंकों का लोन उतारती रहती हैं। इस वर्ष लगभग 10.26 करोड़ क्विंटल गन्ना पैदावार होने का अनुमान है।
चीनी मिलों ने आगामी पेराई सत्र के भुगतान के लिए 1605 करोड़ रुपये का सीसीएल मांगा है। कई चीनी मिलों का सीसीएल मंजूर भी हो गया है। सीसीएल में अनुमानित चीनी उत्पादन और वर्तमान चीनी के दामों को आधार मानकर लोन दिया जाता है।
चीनी मिलों का सीसीएल
बिजनौर- 125
धामपुर- 250
चांदपुर- 125
बहादरपुर- 150
बुंदकी- 150
चांगीपुर- 330
स्योहारा- 225
बरकातपुर- 250
बिलाई- 00
नजीबाबाद - 00
योग- 1605
(नोट: सीसीएल करोड़ रुपये में है। राशि चीनी मिलों से ली गई है।)
बिलाई को नहीं मिलता सीसीएल
बिलाई चीनी मिल को बैंकों से सीसीएल नहीं मिलता है। इस कारण मिल के किसानों को भुगतान समय से तो क्या महीनों बाद तक नहीं मिलता। पिछले पेराई सत्र का भुगतान किसानों को अब तक नहीं मिला है।
अभी भी लगभग 27 करोड़ का भुगतान बकाया है। वहीं सहकारी क्षेत्र की नजीबाबाद चीनी मिल भी अब सीसीएल नहीं ले रही है। सरकार द्वारा सीधे तौर पर मिल के भुगतान में सहयोग किया जा रहा है।
सीसीएल से मिलने वाले पैसों से किसानों का भुगतान किया जाता है। मिल का सीसीएल मंजूर हो गया है। गन्ना पेराई शुरू होते ही भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
सलिल आर्य, सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट कोरपोरेट, द्वारिकेष शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड
