भादों में लगी सावन की सी झड़ी, शनिवार को दिनभर बरसे बदरा... रविवार की शुरूआत भी बरसात के साथ
बिजनौर में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे लोगों को घरों में रहने पर मजबूर ...और पढ़ें

स्याऊ स्थित बीईओ कार्यालय के बाहर सड़क किनारे भरा पानी। जागरण
HighLights
लगातार बारिश से बिजनौर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ।
धान और रबी की सब्जियों को भारी नुकसान की आशंका।
मौसम में अचानक ठंडक बढ़ी, सुबह-शाम का पारा गिरा।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। बिजनौर में लगातार बरसात जनता की परेशानी का सबब बन रही है। इस समय बरसात में भीगने से बीमार होने की बहुत अधिक आशंका हैं। बरसात से बचने के लिए लोग घरों में कैद होकर रहने को मजबूर हैं। बरसात के साथ अब हवा के झोंके शुरू होने से धान की फसल गिरने की आशंका बन गई है। साथ ही अतिवर्षा से रबी सीजन की सब्जियों की फसल को भी नुकसान की आशंका है।
आमतौर पर सितंबर में जिले में इक्का दुक्का ही बरसात होती है। इस समय सितंबर तो है ही, हिंदी कैलेंडर के अनुसार भादो का महीना चल रहा है। शनिवार को सुबह साढ़े चार बजे बूंदाबांदी शुरू हुई थी जो धीरे धीरे तेज होती गई। शनिवार को पूरा दिन और पूरी रात बादलों ने पानी बरसाया। रविवार की शुरुआत भी बरसात के साथ ही हुई है। हालांकि रविवार को सुबह लगभग सात बजे बूंदाबांदी कुछ कम हुई तो लोग घरों से निकले और जरूरी सामान लेकर आए लेकिन कुछ ही देर में बूंदों ने फिर से रफ्तार पकड़ ली।
फिर से तेज बरसात शुरू हो गई। खेलों में पानी भर गया है तो सड़कों पर भी जगह जगह पानी भर रहा है। फसलों को इस समय बरसात की कोई जरूरत नहीं बची है। शनिवार को हवा शांत थी, लेकिन रविवार को हवा के झोंके भी शुरू हो गए हैं। हवा के झोंके चलने से धान की भीगी फसल गिरने का खतरा बना हुआ है। सब्जियों को भी बरसात नुकसान पहुंचाएगी। साथ ही शरदकालीन गन्ने की बुआई भी कई दिन के लिए रूक जाएगी।
बंद हुए एसी, निकल आए गर्म कपड़े
बरसात ने मौसम में एकदम से ठंडक घोल दी है। दो दिन से घरों में एसी नहीं चली है। बुजुर्ग शाल आदि ओढ़ने लगे हैं। बच्चों को भी हल्के गरम कपड़े पहनाए गए हैं। बरसात रूकने के बाद भी हवा में नमी की वजह से मौसम अब ठंडा होने लगेगा।
सुबह शाम की ठंड अब शुरू हो जाएगी
बरसात ने पारा काफी गिरा दिया है। अब गर्मी और उमस का असर नहीं रहेगा। मौसम में बहुत नमी हो गई है। सुबह शाम की ठंड अब शुरू हो जाएगी। अभी और बरसात होने की संभावना भी बनी हुई है।-सतीश कुमार, प्रेक्षक, मौसम वेधशाला नगीना
