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फर्जी HSRP वेबसाइट बनाकर देशभर में ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा, बिजनौर में युवती सहि‍त 11 गिरफ्तार

By Birendra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 11 Jul 2026 06:15 AM (IST)

बिजनौर पुलिस ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट की फर्जी वेबसाइट बनाकर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया ...और पढ़ें

 

HighLights

  1. फर्जी जनसेवा केंद्र बनाकर बिछाया था ठगी का जाल

  2. आरोपियों से आधार कार्ड, बैंक पासबुक, नकदी बरामद।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। परिवहन विभाग की अधिकारिक वेबसाइट एचएसआरपी की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का राजफाश करते हुए पुलिस ने युवती समेत 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लेने के इच्छुक ग्राहकों ने क्यूआर कोड से माध्यम से फीस का पैसा साइबर ठगों के खातों में दे दिया। इस दौरान आरोपितों ने एटीएम से ढाई लाख रुपये निकाल लिए। गिरफ्तार आराेपितों में कुछ के खाते कमीशन के हिसाब से इस्तेमाल किए गए।

पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में शुक्रवार दोपहर एएसपी सिटी डा. कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल 11 शिकायतें मिली थी।

जांच में पता चला कि हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) की अधिकारिक वेबसाइट का फर्जी साइट बनाकर ठगी की गई है। जांच के बाद स्योहारा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। स्योहारा और धामपुर पुलिस ने दो फर्जी जनसेवा केंद्र संचालकों, युवती समेत 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपित स्योहारा के गांव मेवा नवादा निवासीगण मिराजुद्दीन, असद, मोहम्मद रिजवान, मोहम्म्द इरफान व बिलाल, गांव मकसूदपुर निवासी्गण नईम अहमद व परवेज, गांव सूरानंगला निवासी मोहम्मद शाकिब, सहसपुर के मुहल्ला चौधरियान निवासी मोहम्मद समद, गांव फैजुल्लापुर निवासी अमजद अली और स्योहारा के मुहल्ला इस्लामनगर निवासी इलमा चौधरी है।

आरोपितों के पास से 61 आधार कार्ड, 42 बैंक पासबुक, दस चेकबुक, 33 एटीएम कार्ड, 15 वोटर आईडी कार्ड, 19 पैन कार्ड, चार लैपटाप, दो प्रिंटर, एक मानीटर, एक फिंगर प्रिंट लेने की मशीन, एक लाख बीस हजार रुपये की नगदी बरामद हुई है।

88 हजार रुपये खातों में फ्रीज किए गए हैं। आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें जेल भेज दिया गया।

कम पैसों में अच्छी नंबर प्लेट देने का देते थे झांसा

सीओ धामपुर अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि मुख्य आरोपित बिलाल और अमजद ने ठगी का जाल बिछाने के लिए फर्जी जनसेवा केंद्र खोल रखे थे। इस दौरान दोनों लोगों का खाता खुलवाने के नाम पर उनके आधार कार्ड बनवा लेते थे।

उनका खाता खोलकर इस्तेमाल करते। आर्थिक रूप से कमजोर खाताधारकों को पैसा आने पर कमीशन का लालच भी देते थे। एक आरोपित असद ने अपनी परचून की दुकान में कंप्यूटर रखकर लेनदेन कार्य देखता था।

आरोपित ने अपनी बनाई फर्जी वेबसाइट पर आवेदन करने वाले ग्राहक को झांसा देते थे कि वह 9,99 रुपये में अच्छी क्वालिटी के हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट देंगे।

सरकारी साइट से कम रखी थी फीस 

सरकारी साइट से कम फीस रख रखी थी। इस वजह से लोग इस साइट पर ही नंबर प्लेट के लिए आवेदन कर क्यूआर कोड से फीस दे देते थे। देशभर से पैसा उनके पास पहुंच रहा था। आवेदक को लगता था कि वह सरकार की अधिकारिक पोर्टल पर ही आवेदन कर रहे हैं।

एएसपी सिटी ने बताया कि डीजीपी के आदेश पर सात दिन तक यह साइबर वज्र अभियान चलेगा। इसमें साइबर अपराधियों पर कार्रवाई की जाएगी। टीम में एएसपी गौतम राय, धामपुर कोतवाल रविंद्रप्रताप, स्योहारा एसओ संजय तोमर मौजूद रहे।