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बिजनौर के 'बब्बू लंगड़ा' हनी ट्रैप गैंग पर खाकी का फंदा, अब तक 17 केस दर्ज; 7 महिलाओं समेत 12 आरोपित जा चुके हैं जेल

By Birendra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 20 Sep 2026 07:54 PM (IST)

Bijnor News: बिजनौर पुलिस ने हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी दुष्कर्म के मामलों में फंसाकर या ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फाेटो

प्रतीकात्मक फाेटो

HighLights

  1. बिजनौर में पुलिस ने हनी ट्रैप गिरोह का किया भंडाफोड़।

  2. फर्जी दुष्कर्म के मामलों में फंसाकर करता था वसूली

जागरण संवाददाता, बिजनौर। हनी ट्रैप में फंसाकर मोटी रकम की वसूली करने या विवादित केसों में समझौता कराने वाले गिरोह का पुलिस ने राजफाश किया था। प्रकरण में गिरोह पर शिकंजा कसता जा रहा है।

शनिवार रात नजीबाबाद थाने में गिरोह के सरगना जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा व अन्य सदस्यों पर 17 वां मुकदमा लिखा गया है। सरगना समेत 12 आरोपित जेल जा चुके हैं। इनमें सात युवती व महिलाएं शामिल हैं।

बरेली में तैनात जल निगम के जेई एहसान ने चांदपुर की चुंगी निवासी जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा समेत सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि गिरोह दुष्कर्म के फर्जी केस में फंसाकर एक केस में समझौता कराना चाहता है। एसपी के आदेश पर पुलिस ने जांच शुरू की।

शहर कोतवाली पुलिस ने सात सितंबर को गिरोह के सरगना जुल्फेकार, अफजाल, गुड्डी, कुंती व प्रीति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद लगातार पीड़ित पुलिस के सामने आए। एसपी से मिलकर अपने व्यथा रखी। तब से लगातार अलग-अलग थानों में केस दर्ज हो रहे हैं।

गिरोह के सरगना समेत अन्य सदस्यों पर 17 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पीड़ितों की तहरीर पर शहर कोतवाली, हल्दौर, स्योहारा, नूरपुर व नजीबाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किए गए हैं। आरोपितों पर गिरफ्तारी की भी कार्रवाई चल रही है। 16 सितंबर को नजीबाबाद पुलिस ने पीएसी के सिपाही मोहम्मद आसिफ और प्रापर्टी डीलर दिलशाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा। सिपाही मुरादाबाद में 24 वाहिनी पीएसी में तैनात है।

19 सितंबर को नजीबाबाद पुलिस ने चार महिलाएं काशीराम कालोनी निवासी सायमा, शहाना परवीन और सानिया व चाहशीरी-16 निवासी अंतिमा को गिरफ्तार कर जेल भेजा। किरतपुर पुलिस ने भी इसी गिरोह के सदस्य हिफजान को जेल भेजा है। अब तक कुल 12 आरोपित जेल जा चुके हैं। इनमें सात महिलाएं शामिल हैं। अभी एक दर्जन से अधिक आरोपित फरार हैं।

इन्होंने कहा...

फर्जी मुकदमे या कोर्ट में परिवाद दायर कर पीड़ितों से वसूली की जाती थी। दो पक्षों में संपत्ति या अन्य विवाद में एक पक्ष से संपर्क करते थे। दूसरे पक्ष पर मुकदमा दर्ज कराकर समझौता करा देते थे। लगातार पीड़ित उनके पास पहुंच रहे हैं। गिरफ्तारी लगातार की जा रही है। गिरोह पर सख्त कार्रवाई ऐसे लोगों के लिए नजीर बनेगी।
-कृष्ण कुमार बिश्नाई, एसपी