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फर्जी दस्तावेज; गवाह व जमीन का मालिक भी फर्जी... यूं बेच देते थे खादर की असली जमीन, अब आए गिरफ्त में

By Birendra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 25 Oct 2026 07:08 PM (IST)

बिजनौर के मंडावर में फर्जी दस्तावेज तैयार कर खादर क्षेत्र की जमीन बेचने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ...और पढ़ें

मंडावर पुलिस की गिरफ्त में फर्जी तरीके से जमीन बेचने के आरोपित । सौ.  पुलिस

मंडावर पुलिस की गिरफ्त में फर्जी तरीके से जमीन बेचने के आरोपित । सौ. पुलिस

HighLights

  1. चार आरोपित फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन बेचते थे।

  2. खादर क्षेत्र की जमीनें निशाना, मालिक बाहर रहते थे।

  3. गिरफ्तार आरोपितों को एक लाख रुपये मिलते थे।

संवाद सूत्र, जागरण मंडावर (बिजनौर)। फर्जी दस्तावेज तैयार कर खादर क्षेत्र में जमीन बेचने वाले एक गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस नें शनिवार को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना समेत दो आरोपित फरार हैं। गिरफ्तार आरोपित जमीन का मालिक व गवाह बन जाते थे। उन्हें इस काम का एक लाख रुपये मिलता था। आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया है।

हरियाणा प्रदेश के जिला करनाल के हनुमान मंदिर घरौंडा निवासी मंजू पत्नी प्रताप सिंह ने 26 जुलाई व प्रताप पुत्र महावीर ने 29 अगस्त को मंडावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव मोहद्दीनपुर निवासी आरिफ ने अपने छह साथियों के साथ मिलकर खादर क्षेत्र के गांव गोवर्धनपुर में 15 बीघा जमीन की फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें बेच दिया था। जांच में पुष्पेंद्र, बाबूराम, राजवीर व अशोक कुमार के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने शनिवार को गांव मोहडिंया निवासीगण राजवीर व अशोक, गांव माचकी निवासीगण पुष्पेंद्र व बाबूराम को गिरफ्तार किया है।

आरोपितों ने पुलिस को बताया की कुछ माह पूर्व उनकी मुलाकात मंडावर कस्बे में जनसेवा केंद्र चलाने वाले गांव भोजपुर निवासी आदित्य और उसके साथी गांव मोहद्दीनपुर निवासी आरिफ से हुई। उन्होंने धोखाधड़ी कर जमीन बेच दी। सीओ सिटी अभय पांडे ने बताया कि गिरोह की ओर से खादर क्षेत्र में ऐसी जमीनों को चिह्नित करते थे, जिनके मालिक बिजनौर से बाहर रहते थे। उसके बाद भोले भाले गरीब लोगो को अपने साथ मिलाकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड पर फर्जी पता अंकित कराकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराकर उक्त जमीन को बेच देते थे।

गिरफ्तार चारों आरोपित मजदूरी करते हैं। ज्यादा पैसा कमाने के लालच में गिरोह के साथ काम करते थे। दो लोग जमीन के मालिक व दो गवाह बनते थे। बदले में उन्हें एक लाख रुपये मिलते थे। आरोपित को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया है।