गुलदार को सामने देखकर महिला ने नहीं हारी हिम्मत, डंडे से कई वार कर मौत को दी मात
Bijnor News: बिजनौर के गौसपुर गांव में एक पशुशाला में गुलदार दो बार आ गया। पशुपालक की पत्नी ने डंडा से उसका मुकाबला किया।

AI जेनरेटिड फोटो
HighLights
पशुओं के रंभाने पर डंडा लेकर पहुंची महिला गुलदार से भिड़ी।
बिजनौर में ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग की।
संवाद सूत्र, नांगलसोती (बिजनौर)।नांगलसोती क्षेत्र के ग्राम गौसपुर में एक पशुपालक के आवास के पास स्थित पशुशाला में घुसे गुलदार ने कटिया पर हमला कर दिया। कटिया के रंभाने की आवाज सुनकर पशुपालक की पत्नी डंडा लेकर पशुशाला में पहुंचीं। महिला ने हिम्मत नहीं हारी और गुलदार (Leopard) पर डंडे से कई वार कर दिए। शोर सुनकर स्वजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
लोगों की भीड़ देखकर गुलदार (तेंदुआ) कटिया को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। कुछ ही देर बाद गुलदार ने दोबारा पशुशाला में पहुंचकर कटिया को दबोच लिया। इस बार भी ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कटिया को गुलदार के चंगुल से बचा लिया। लगातार दो बार गुलदार के पशुशाला तक पहुंचने से परिवार में भय का माहौल है।
गौसपुर निवासी विशंभर सिंह की पशुशाला उनके मकान के समीप ही बनी हुई है। रात में जब वह पशुशाला से घर चले गए, इसी दौरान गुलदार ने पशुशाला में घुसकर कटिया पर हमला कर दिया। कटिया के रंभाने पर उनकी पत्नी सरोज देवी डंडा लेकर मौके पर पहुंचीं।
गुलदार को सामने देखकर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और शोर मचाते हुए उसे भगाने का प्रयास किया। लेकिन गुलदार ने कटिया को नहीं छोड़ा। शोर सुनकर ग्रामीण और अन्य स्वजन मौके पर पहुंचे। लोगों की संख्या बढ़ती देखकर गुलदार जंगल की ओर निकल गया।
ग्रामीण अभी पूरी तरह अपने घरों में भी नहीं पाए थे कि करीब आधे घंटे बाद गुलदार फिर पशुशाला में पहुंच गया और कटिया को दबोच लिया। ग्रामीण पंकज, गौरव, अशोक, खेमेन्द्र, वीरसिंह, राजपाल सिंह और जितेंद्र आदि ने शोर मचाकर गुलदार को भगाया और कटिया को बचा लिया।
ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने की उठाई मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सप्ताह भर में गुलदार के द्वारा तीन घटना हो चुकी है। गुलदार ने एक भेड़, एक बछिया व अब कटिया पर हमला किया। गुलदार के बार-बार आबादी के नजदीक पहुंचने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गुलदार को पकड़ने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने वन विभाग से गांव के आसपास निगरानी बढ़ाने और आवश्यकता के अनुसार पिंजरा लगाने की मांग की है। वन दरोगा विकास कुमार ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को रात के समय अकेले खेतों अथवा जंगल की ओर न जाने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
