बिजनौर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत, डेंगू के चार संदिग्ध मरीज मिले; स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
Bijnor News: बिजनौर में स्वाइन फ्लू से एक महिला की जान चली गई। जिले में बुखार के मामले बढ़ने के ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
स्वाइन फ्लू पीड़ित महिला की हुई मौत।
बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। स्वाइन फ्लू से पीड़ित महिला की सोमवार रात दिल्ली से मेरठ ले जाते समय मौत हो गई। महिला को कई दिन से होम आइसोलेशन में रखा गया था। हालत बिगड़ने पर सोमवार शाम दिल्ली ले गए। वहां से मेरठ मेडिकल कालेज में भर्ती कराने के लिए लाया जा रहा था। इसी बीच उसकी मौत हो गई। जिले में स्वाइन फ्लू का पहला मरीज है और पहली ही मौत है। महिला की मौत से दहशत का माहौल है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग को शनिवार को लखनऊ से संचालित आइएचआइपी पोर्टल से बिजनौर के चांदपुर निवासी एक 49 वर्षीय महिला के स्वाइन फ्लू होने की जानकारी मिली थी। शनिवार को मरीज की जानकारी होने पर आइडीएसपी बिजनौर के नोडल डा. प्रतीक किशोर व एपेडेमियोलाजिस्ट सैयद अली शाकिर ने मोबाइल नंबर के आधार पर रोगी के स्वजन से संपर्क किया। स्वजन ने जानकारी दी कि महिला करीब 18 दिन पहले बुखार व सांस की दिक्कत हो रही थी। ठीक नहीं होने पर एक चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक को स्वाइन फ्लू की आशंका हुई।
चूंकि अभी तक बिजनौर मेडिकल अस्पताल में जांच की व्यवस्था नहीं है। इसलिए पुष्टि के लिए महिला को मेरठ में एलएलआरएम मेडिकल कालेज मेरठ में जांच को भेज दिया गया। जहां पर महिला की जांच की गई। शनिवार को इसकी रिपोर्ट आई थी। जिसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। पोर्टल से सीएमओ कार्यालय को सूचना दी गई।
महिला को तब से होम आइसोलेशन में रखा गया था। लेकिन महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ। स्वजन इलाज के लिए पीड़िता को सोमवार की शाम दिल्ली ले गए थे। लेकिन रास्ते में महिला की मौत हो गई। सीएचसी प्रभारी डा. मोहम्मद जुबैर ने महिला की स्वाइन फ्लू से मौत होने की पुष्टि की है। जनपद में स्वाइन फ्लू रोगी मिलने का यह पहला मामला है। महिला की परिवार के भी सैंपल लिए गए हैं। उनकी जांच कराई जा रही है।
अस्पताल में बढ़ रहे है बुखार के मरीज
जनपद में बुखार पीड़ित रोगियों की संख्या में पिछले 10 दिनों में काफी वृद्धि हुई है। पहले जहां हर दिन जिला मेडिकल अस्पताल में बुखार पीड़ित रोगियों की संख्या 125 से 150 तक होती थी, वहीं अब रोगियों की संख्या 250 से अधिक हर दिन हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बुखार से बचाव और लक्षण आदि को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किया है। स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए दवाई, बचाव किट और अन्य उपकरणों की मांग की गई है। इस समय जिले में स्वाइन फ्लू की जांच की व्यवस्था नहीं हैं। जांच के लिए मेडिकल कालेज मेरठ या अन्य अस्पताल में जाना पड़ा रहा है।
डेंगू के चार संदिग्ध मरीज मिले
जिले में डेंगू के चार संदिग्ध मरीज मिले हैं। अभी एलाइजा टेस्ट की में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। संदिग्ध लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की निगरानी शुरू कर दी है। इस दौरान मौके पर एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया है। आसपास में साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए हैं।
धामपुर क्षेत्र के गांव अल्हैपुर में पांच वर्षीय बालिका, बहलोलपुर में 52 वर्षीय महिला, चंदक क्षेत्र के मिलकियान की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी, बहलोलपुर में 52 वर्षीय महिल और बिजनौर शहर की आदर्शनगर कालोनी निवासी 28 वर्षीय युवक की डेंगू रिपोर्ट रैपिड कार्ड से पाजिटिव आई है। बुखार की शिकायत मिलने पर मरीजों ने अलग-अलग निजी पैथोलाजी लैब पर डेंगू की जांच कराई। इन्हीं पैथोलाजी लैब में रैपिड कार्ड से डेंगू होने की पुष्टि हुई। हालांकि अभी एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
एलाइजा टेस्ट में निगेटिव रिपोर्ट आई है। इसके लिए पूरी तरह डेंगू की पुष्टि नहीं हैं। सिर्फ डेंगू के लक्षण है। इस वजह से मलेरिया विभाग मरीजों की निगरानी कर रहा है। रोगियों के घरों के आसपास एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। गांव में साफ-सफाई कराई गई।
गंदा पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है। इस बारे में जागरूक किया जा रहा है। उधर, सहायक मलेरिया अधिकारी आशुतोष सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण किया। अभियान चलाकर पानी की टंकियों, कूलर, गमलों, पुराने टायरों, और अन्य जलभराव वाले 2970 स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला। वहां पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराकर नष्ट करा दिया गया।
