विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिजनौर: खनन कारोबार में साझीदार बनाने के नाम पर 35 लाख रुपये हड़पे, अन्‍य मामले में युवक के खाते से 6.30 लाख साफ

By Sachin Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 05 Oct 2026 06:32 AM (IST)

Bijnor News: खनन कारोबार में साझीदार बनाने के नाम पर दो युवकों ने एक व्यक्ति से 35 लाख रुपये हड़प ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक फोटो

प्रतीकात्‍मक फोटो

HighLights

  1. मुकदमा दर्ज, एसपी के आदेश पर हीमपुरदीपा पुलिस ने की कार्रवाई।

  2. अन्‍य मामले में न ओटीपी बताया, न लिंक खोला, फिर भी खाते से 6.30 लाख साफ।

संवाद सहयोगी, चांदपुर (बिजनौर)। खनन कारोबार में साझीदार बनाने के नाम पर दो युवकों ने 35 लाख रुपये हड़प लिए।

एसपी के आदेश पर हीमपुर दीपा पुलिस ने दो आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। एक आरोपित धामपुर और दूसरा मुरादाबाद क्षेत्र का रहने वाला है।

ग्राम पीपली जट निवासी अंकित ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि उसकी सचिन कुमार निवासी बुद्धि विहार आवास विकास कालोनी मुरादाबाद और दीपक चौहान निवासी गांव अमखेडा धामपुर से पुरानी जान पहचान है।

दोनों आरोपितों ने अपने खनन कारोबार में हिस्सेदार बनाने का प्रस्ताव रखा था। आरोपितों के बताए अनुसार उसने सात बार में उनके खातों में 45 लाख रुपये से अधिक की धनराशि ट्रांसफर कर दी। वहीं साढ़े छह लाख रुपये अधिक नकद दिये थे।

52 लाख रुपये कारोबार में लगाने के एक वर्ष बीतने के बाद उसने हिसाब कर लाभांश मांगा तो आरोपितों ने दो बार में 17 लाख रुपये वापस कर दिए।

शेष धनराशि वापस करने को कहने पर आरोपित उसे जान से मारने की धमकी देने लगे। एसपी के आदेश पर पुलिस ने दोनों आरोपितों के विरुद्ध धोखाधडी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

न ओटीपी बताया, न लिंक खोला, फिर भी खाते से साफ हो गए 6.30 लाख रुपये

बिजनौर। साइबर ठगों ने एक युवक के खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर छह लाख 30 हजार हजार रुपये साफ कर दिए। रकम कटने का मैसेज आने पर खाताधारक के होश उड़ गए। पीड़ित की तहरीर से साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

स्योहारा के मुहल्ला हयातनगर निवासी शुभम चौहान ने उसका खाता कैनरा बैंक में हैं। 25 सितंबर को उसके खाते से चार अलग-अलग किस्तों में रकम आनलाइन ट्रांसफर हो गई। अचानक रकम कटने के मैसेज आने लगे।

इस दौरान पहली ट्रांजेक्शन में 2.50 लाख रुपये, दूसरी बार 2.50 लाख, तीसरी ट्रांजैक्शन में 88 हजार और इसके बाद 42 हजार 813 की धनराशि खाते से ट्रांसफर होने का मैसेज आया। पीड़िता का कहना है कि ऐसा तब हुआ जब उसने किसी को ओटीपी नंबर नहीं बताया। न ही संदिग्ध लिंक खोला है।

साइबर आपराधियों ने खाते से रकम साफ कर दी। 27 सितंबर को बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाकर धनराशि की निकासी पर रूकवाई। थाने पहुंचकर साइबर सेल में शिकायत की। छह लाख से अधिक रकम जाने पर शुभम चौहान व परिवार के लोग सदमे में हैं। शुभम की तहरीर पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।