कहीं भारी न पड़ जाए मौत के मुंह में मस्ती: गुलदार पकड़ने को लगाए पिंजरे में खुद को कैद कर रहे बच्चे
बिजनौर के रामपुर गांव में गुलदार पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में बच्चे खुद को बंद कर मस्ती कर ...और पढ़ें

गांव रामपुर में गुलदार पकड़ने के लिए लगाए पिंजरे में बैठे किशोर।
HighLights
वन विभाग ने अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर चेताया।
जहां पिंजरा लगाया गया है वहीं गुलदार ने गाय व कुत्ते को मार डाला था।
संवाद सहयोगी, नजीबाबाद (बिजनौर)। सामाजिक वानिकी बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद की ओर ग्राम पंचायत थेपुर के गांव रामपुर में गुलदार पकड़ने के लिए लगाए पिंजरे में किशोर इसे खुद से बंद कर मस्ती उड़ा रहे हैं। जबकि इस क्षेत्र में कई बार गुलदार (Leopard) की आमद हो चुकी है और यहां पिछले 15 दिनों में गुलदार ने गाय व कुत्ते को मार डाला था। उधर, किशोरों द्वारा खुद को पिंजरे में बंद करने के दौरान ग्रामीण ने वीडियो बनाकर वायरल कर दी।
गुलदार (तेंदुआ) इस साल जिलेभर में पांच बच्चों की जान ले चुका है। इसके बाद भी लोग अपने बच्चों के प्रति गंभीर नहीं हैं। सामाजिक वानिकी नजीबाबाद की ग्राम पंचायत थेपुर के गांव रामपुर में विभाग ने गुलदार पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो में गांव के किशोर खुद पिंजरे में बैठकर उसका खटका गिरा रहे हैं, उन्हें मना करने के बजाए कोई गांव का निवासी युवक उनकी वीडियो बना रहा है। ऐसे में केवल गुलदार ही नहीं, बल्कि यदि पिंजरे का गेट किसी के सिर पर गिर जाए तो उसे चोट लगने के साथ ही जान भी जा सकती है। वायरल हो रही वीडियो में पिंजरे के अंदर चार-पांच किशोर बैठे हैं और पिंजरे के ऊपर भी तीन चार किशोर खड़े हैं। सभी शोर मचा रहे हैं।
एक व्यक्ति वीडियो बना रहा है और कह रहा है कि पिंजरे में गुलदार तो नहीं आ रहा, लेकिन ये लड़के रोज आ रहे हैं। इसके बाद किशोर आपस में बात करके पिंजरे के खटके को हिला देते हैं। इससे पिंजरे का गेट झटके से बंद हो जाता है और वे उसमें बंद हो जाते हैं। गुलदार पकड़ने के लिए नजीबाबाद रेंज के विभिन्न गांवों में कुल 25 पिंजरे लगे हैं।
पिंजरे में आमतौर पर मुर्गी बंद की जाती है। गुलदार मुर्गी के लालच में पिंजरे के आसपास जरूर आता है। ऐसे में गुलदार की पिंजरे लगे स्थान पर आमद का खतरा हर समय बना रहता है। इसके बाद भी ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।
ऐसे बंद होता है पिंजरा
पिंजरा दो हिस्सों में बंटा होता है। छोटे हिस्से में गुलदार को ललचाने क़े लिए शिकार को बांधा जाता है। यह पिंजरे के अंदर और बाहर दोनों तरफ से बंद होता है। दूसरे हिस्से की ओर से गुलदार आता है। जब गुलदार आता है, तो पिंजरा हिलता है।
अंदर लोहे की तीन इंच की एक लोहे की पटरी होती है। गुलदार जैसे ही उस पटरी पर पैर रखता तो वह पटरी दब जाती है और उससे जुड़ा तार निकल जाता है। यह तार पिंजरे के एक ओर के गेट को खुला रखता है। तार निकलते ही पिंजरे का गेट गिरकर बंद हो जाता है।
पिंजरों से छेड़छाड़ करने पर हो सकते हैं ये नुकसान
- यदि अचानक गुलदार आ जाए तो हो सकती है अनहोनी।
- अचानक से ही खटका गिरने पर सिर में चोट लगने से हो सकती है मौत।
- अन्य जंगली जंतु के आने पर भी हो सकता है हादसा।
- खटके में आने पर हो सकता है अंग भंग।
- बहुत ज्यादा जरूरी नहीं होने पर पिंजरे के आसपास न जाएं।
- आवश्यकता होने पर खेतों पर भी समूह बनाकर जाएं।
इन्होंने कहा
ये बहुत ही गंभीर मामला है। बच्चों को खेतों में नहीं भेजने के लिए कहा जा रहा है और वीडियो में बच्चे गुलदार प्रभावित क्षेत्र में पिंजरे से छेड़छाड़ कर रहे हैं। उनके अभिभावकों के पास वन विभाग की टीम को भेजकर समझाया गया है। साथ ही भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं करने के लिए चेताया गया है।
-जयसिंह कुशवाहा, डीएफओ बिजनौर
