जेल के गेट पर हत्या के मामले में दो को उम्रकैद; मर्डर किसी और का करने गए थे, गलती से साथी को मौत के घाट उतारा
Bijnor News: बिजनौर जेल गेट पर हुए हत्याकांड में रौनक और हर्षित चिकारा को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
बिजनौर में राजन की हत्या के इरादे से आए थे रौनक और विशाल।
गोली लगने से हुई थी साथी विशाल शर्मा की मौके पर मौत।
संवाद सहयोगी, बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश डा. शहजाद अली ने जेल के गेट पर मारे गए बदमाश विशाल शर्मा उर्फ पंडित के मामले में आरोपित रौनक और हर्षित चिकारा को दोषी माना है।
विशाल व रौनक जेल से छूट रहे राजन की पुरानी रंजिश में हत्या करने आए थे, लेकिन विशाल को रौनक की गोली लग गई थी। न्यायाधीश ने दोनों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने रौनक पर 40 हजार रुपये और हर्षित पर 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
एडीजीसी प्रमोद शर्मा और अजीत पंवार के अनुसार जिला कारागार बिजनौर में तैनात जेल हेड वार्डर रणजीत सिंह ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में लिखा कि 30 जून 2023 को वह, बंदी रक्षक शिवम तथा चौकी जेल पर तैनात कांस्टेबल राजीव कुमार जेल गेट पर ड्यूटी पर थे। रात सवा आठ बजे राजन निवासी गांव शादीपुर जेल से रिहा होकर गेट के बाहर पहुंचा।
इसी दौरान आरोपित विशाल शर्मा निवासी गांव बिशनपुर और रौनक निवासी हीमपुर दीपा वहां खड़े थे। राजन ने आरोपित रौनक को पहचान लिया और वह वापस जेल की तरफ भागने लगा। तभी पीछे से विशाल और रौनक ने तमंचा लेकर राजन को घेर लिया। विशाल ने राजन को पकड़ लिया और रौनक को गोली मारने के लिए कहा। रौनक की गोली गलती से विशाल को लग गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
आरोपित हर्षित दूर से निगरानी कर रहा था। जेल हेड वार्डर और बंदी रक्षक राजीव भी छर्रे लगने से घायल हुए थे। आरोपित रौनक व विशाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना में पता चला कि आरोपित हर्षित ने आरोपित रौनक व विशाल के साथ मिलकर राजन की हत्या करने की योजना बनाई थी। आरोपित रौनक और हर्षित के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और षड्यंत्र की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। सुनवाई के दौरान मुकदमे के वादी रणजीत सिंह समेत 11 गवाहों के बयान दर्ज हुए। न्यायाधीश डा. शहजाद अली ने आरोपित हर्षित चिकारा और रौनक को दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई।
