बिजनौर की जेन जी लड़कियों का कमाल: खेल, राजनीति और व्यापार में बनाई अपनी पहचान
बिजनौर की जेन जी लड़कियां विभिन्न क्षेत्रों में सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। मेघना सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ...और पढ़ें

मेघना सिंह, मित्रविंदा कर्णवाल और श्रुति चौहान। बाएं से दाएं
HighLights
मेघना सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बिजनौर का नाम रोशन कर रही हैं।
मित्रविंदा कर्णवाल दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति में सक्रिय हैं।
श्रुति चौहान काष्ठकला उत्पादों से वैश्विक व्यापार कर रही हैं।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। आजकल युवाओं के लिए जेन जी शब्द का प्रयोग सबसे अधिक हो रहा है। संचार के हर माध्यम में जेन जी का जिक्र है। जेन जी ने भी कई क्षेत्रों में खुद को आगे बढ़कर साबित भी किया है। जनपद में भी ऐसी कई युवा लड़कियां जेन जी है, जिन्होंने कम उम्र ही बड़ी उपलब्धि हासिल कर अपना तो नाम चमकाया ही दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है। ऐसे ही सफलता के शिखर की ओर बढ़ती जेन जी की कहानी प्रस्तुत है।
मेघना ने बनाई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहचान
कस्बा व थाना कोतवाली देहात के मुहल्ला हिन्दू कॉलोनी निवासी मेघना सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर है। वह बिजनौर नेहरू स्टेडिसम में नियमि प्रैक्टिस के लिए आती थी। परिवार के सहयोग से मेघना सिंह ने पीछ़़े मुड़कर नहीं देख। मेघना सिंह ने अपनी प्रतिभा के दम पर कोतवाली देहात जैसे छोटे से गांव से शुरुआत की और भारतीय टीम में अपना स्थान बनाया।
मेघना सिंह 2023 में हुए विश्व कप की टीम में भी सदस्य रह चुकी है। कामनवेल्थ गेम में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य रही है। मेघना सिंह रेलवे की ओर से खेलती है। वर्तमान में वह महिला प्रीमियर लीग में गुजरात जायंट्स की ओर से खेलती है। जनपद की खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा की श्रोत है।
मित्रविंदा ने छात्र राजनीति में बनाई पहचान
भाजपा नेता विवेक कर्णवाल की पुत्री मित्रविंदा कर्णवाल हालांकि राजनीतिक परिवार से हैं। लेकिन उन्होंने अपने कौशल और मुखर वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय में अपना स्थान बनाया। स्नातक का द्वितीय वर्ष करते हुए 2024 में वह दिल्ली विश्वविद्यालय से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से सचिव पद के लिए चुनाव लड़ीं और जीत हासिल की और चांदपुर एवं स्वयं को देश भर में पहचान दिलाई। मित्रविंदा के पिता ने बताया कि मित्रविंदा अखिल भारतीय विधार्थी परिषद की दिल्ली प्रदेश की सह-मंत्री बनाया गया। वर्तमान में मित्रविंदा लंदन के प्रतिष्ठित किंग्स कालेज से अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय में मास्टर्स कर रही हैं।
काष्ठ कला से विदेश तक पहचान बना रहीं श्रुति
धामपुर नगर निवासी 23 वर्षीय श्रुति चौहान पुत्री राजीव चौहान छोटी सी उम्र में काष्ठकला के उत्पादों के माध्यम से विदेशों तक पहचान बना रही हैं। एक वर्ष पहले नोएडा से बीटेक कंप्यूटर की पढ़ाई पूरी कर चुकीं श्रुति ने नौकरी करने स्थान पर व्यापार की ओर रुख किया। इसी वर्ष मार्च में उन्होंने नगीना के प्रसिद्ध काष्ठकला उद्योग से प्रेरित होकर धामपुर में भी आरआरएसबी ट्रेड के नाम से अपनी यूनिट नगीना रोड पर शुरू की।
श्रुति बताती हैं कि आरआरएसबी ट्रेड कंपनी के तहत उन्होंने वुड-जी नाम के ब्रांड से काष्ठकला के अपने उत्पाद बनवाने शुरू किए हैं। इस काम उनकी बुआ रीता चौहान उनकी भागीदार हैं। यूनिट में वह 14 महिलाओं को काम दे रही हैं। वह घड़ियों व जेवरात के लकड़ी के बाक्स, खेल जैसे लूडो, सांप सीढ़ी, शतरंज और अन्य उत्पाद बनाती हैं।
विशेषकर ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से वह बिक्री करती हैं। भारत के अलावा अमरीका, लंदन, फ्रांस, स्पेन, सिंगापुर आदि देशों से भी उन्हें ऑर्डर प्राप्त हो रहे हैं।
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