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दिन में आराम, रात में 'पार्टी': वन विभाग के मेहमान बनकर रोज चिकन की 'दावत' उड़ा रहे उल्लू के 6 बच्चे

By Ajeet Chaudhary Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 26 Oct 2026 04:29 PM (IST)

Bijnor News: बिजनौर में एक घर में मिले उल्लू के छह बच्चे वन विभाग की देखरेख में हैं। उन्हें रोज एक किलो चिकन दिया रहा है।

बिजनौर में मिले उल्लू के बच्चे।

बिजनौर में मिले उल्लू के बच्चे।

HighLights

  1. बिजनौर में एक घर में सफाई के दौरान मिले छह उल्लू के बच्चे।

  2. उड़ने लायक होने पर सभी को जंगल में छोड़ा जाएगा।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। दीपावली की सफाई के दौरान एक घर से मिले उल्लू के छह बच्चे रोज वन विभाग का एक किलो चिकन चट कर रहे हैं। सभी बच्चे अंधेरा होने पर ही सक्रिय होते हैं और अंधेरे में ही खाते हैं। वन विभाग द्वारा सभी बच्चों का लालन पोषण किया जा रहा है। उड़ने लायक होने पर सभी को छोड़ दिया जाएगा।

कृष्ण विहार कालोनी में जगदीश कुमार के घर से गुरुवार को दीपावली की सफाई के दौरान उल्लू के छह बच्चे मिले थे। उन्होंने मकान के झरोखे में जाली लगा दी थी जिससे बच्चों की मां उन्हें छोड़ गई थी। जगदीश कुमार ने उल्लू के बच्चों को वन विभाग की टीम के हवाले कर दिया था। उल्लू के बच्चे बार्न प्रजाति के हैं। वन विभाग ने बच्चों को रेंज कार्यालय में दो पिंजरों में रखा है।

पहले दिन में बच्चों को आधा किलो चिकन दिया गया तो वे पूरा चिकन सफाचट कर गए। फिर अगले दिन से उन्हें पूरा एक किलोग्राम चिकन छोटे छोटे पीस करके दिया जा रहा है। वे पूरे चिकन की दावत उड़ा जाते हैं। उनके आगे चिकन शाम को रखा जाता है लेकिन अंधेरा होने के बाद ही उसे खाना शुरू करते हैं। उल्लू निशाचर पक्षी होता है और रात में ही सक्रिय होता है। इसलिए ये बच्चे अपने नैसर्गिक गुण के अनुसार ही रात में ही अपना भोजन खाते हैं।

पेड़ों की खोखर में अंडे देता है उल्लू

उल्लू पेड़ों की खोखर में अंडे देता है। वह ऐसे टांड आदि पर आमतौर पर घोंसला नहीं बनाता है। उल्लू अपने बच्चों को चूहे, छिपकली आदि का शिकार करके खिलाता है। उल्लू पूर्ण रूप से मांसाहारी पक्षी होता है।

इन्होंने कहा

उल्लू के बच्चे स्वस्थ हैं। उन्हें खाने के लिए रोज चिकन दिया जा रहा है। वे भरपेट खा रहे हैं। उल्लू के बच्चे अंधेरा होने पर ही सक्रिय होते हैं और अंधेरे में ही खाते हैं। उड़ने लायक होने पर उन्हें छोड़ा जाएगा।
महेशचंद्र गौतम, क्षेत्रीय वनाधिकारी