15 दिन के मासूम का 5 लाख में सौदा, सिर्फ 2 लाख मिलने पर खुला राज; मुस्लिम मां-बाप व गोद लेने वाली हिंदू महिला सहित 6 गिरफ्तार
Bijnor News: बिजनौर में बच्चा बेचने के मामले में मुस्लिम दंपती, गोद लेने वाली हिंदू महिला और अस्पताल संचालक भाइयों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
HighLights
पांच लाख रुपये में हरिद्वार के दंपती को 14 माह पहले बेच दिया था बच्चा।
हिंदू के घर जाने व पूरा पैसा न मिलने से नाराज हुए मुस्लिम मां-बाप व मामा।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। बच्चा बेचने के मामले में नगीना पुलिस ने मंगलवार को बेचने वाले मुस्लिम मां-बाप, गोद लेने वाली हिंदू महिला के साथ अस्पताल संचालक भाइयों समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
14 महीने पहले जन्मे 15 दिन के नवजात को हरिद्वार के दंपती को पांच लाख रुपये में बेच दिया था, लेकिन पूरी रकम मां-बाप को नहीं दी गई। बच्चे के मां-बाप व मामा कम रुपये मिलने व बच्चे को हिंदू धर्म के लोगों को बेचने से नाराज हो गए। तीनों ने बच्चा वापस दिलाने को पुलिस से शिकायत की थी।
गांव भूरापुर निवासी ताजूद्दीन ने एसपी से शिकायत की थी कि 14 महीने पहले गांव नैनपुरा निवासी उसकी बहन शबनम ने नगीना के रौनक अस्पताल में जुड़वा पुत्र-पुत्री को जन्म दिया था। उसके पुत्र को गांव के ही शफीकन दाई ने अपने पास रख लिया और बाद में अन्य के साथ मिलकर बेच दिया।
अब तक उसके भांजे का पता नहीं चल रहा है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि बच्चे को हरिद्वार से सकुशल बरामद कर लिया है।
पुलिस ने इस प्रकरण में बच्चे की मां शबनम, पिता फरमान, दाई शफीकन, गांव नंदपुर निवासीगण फर्जी अस्पताल संचालक जितेंद्र कुमार उर्फ विक्की व उसका भाई कपिल व बच्चा गोद लेने वाली जिला हरिद्वार के गांव बहादुर सैफी निवासी सलोचना सैनी को गिरफ्तार किया है।
एसपी के मुताबिक शबनम और फरमान के पहले से चार बच्चे थे। रौनक अस्पताल में उसने जुड़वा बेटा-बेटी को जन्म दिया था। दंपती आर्थिक तंगी में था। इसलिए अस्पताल संचालक जितेंद्र, कपिल और उनके गांव की शिवानी की ओर से 28 अगस्त 2025 को शबनम को दो लाख रुपये देकर उसका बेटा ले लिया।
इसके बाद तीनों ने पांच लाख रुपये में बच्चे को हरिद्वार की सलोचना को बेच दिया। एक-एक लाख रुपये जितेंद्र, कपिल और शिवानी ने आपस में बांट लिए। इस बीच दंपती को पता चला कि उन्हें पूरी रकम नहीं दी गई।
शबनम के भाई को भी पता चला कि बच्चे को हिंदू महिला को बेचा गया है। तीनों इस बात से खफा हो गए थे। एएसपी देहात गौतम राय का कहना है कि बच्चे के मामा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शिवानी की तलाश की रही है। अन्य की भूमिका भी जांच हो रही है।
अपने नाम से पहले डाक्टर लगाते हैं डॉक्टर
बिजनौर : बच्चा बेचने के आरोप में जेल गए झोलाछाप जितेंद्र और कपिल अपने नाम से पहले डाक्टर लगाते है। बताया जा रहा है कि उनके अलग-अलग जगह चार अस्पताल है। एक पल और दो पल नाम से होटल है।
पुलिस जांच कर रही है कि दोनों भाइयों ने और कोई बच्चा तो नहीं बेचा है। इस बच्चे के पैसे का लेनदेन आरोपित भाइयों के रोनक और पीयूष अस्पताल में ही हुआ है। दोनों भाई खुद को डिग्रीधारक बताकर लोागें को गुमराह करते थे। जितेंद्र की पत्नी शिवानी भी अपने आप को डाक्टर लिखती है।
कुछ महीने पहले जितेंद्र पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। उस समय रौनक अस्पताल को सील कर दिया गया था। तब से यह अस्पताल बंद हैं। लोगों का कहना है कि दोनों भाई बड़े जालसाज है। फर्जी डिग्रियों के सहारे अस्पताल चला रहे हैं।
अब पुलिस जितेंद्र की पत्नी शिवानी और गोद लेने वाली सलोचना सैनी के पति की तलाश की रही है। उधर, पुलिस दोनों भाइयों की कुंडली खंगाल रही है। जांच कर रही है कि इन्होंने अपने अस्पताल में अन्य बच्चा तो नहीं बेचा है।
इसके लिए अस्पताल का रिकार्ड खंगाला जाएगा। ऐसा हुआ है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद सभी अस्पताल बंद हैं। ज्यादातर में अन्य चिकित्सक बैठते हैं। सीएमओ डा. कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि रौनक अस्पताल काफी समय से सील है। अन्य पर भी कार्रवाई चल रही है।
