बिजनौर, जागरण टीम। भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर धामपुर एवं नहटौर सीट पर वर्तमान विधायकों पर दांव लगाया है। हालांकि इससे पहले इनके टिकट कटने या सीट बदलने की भी चर्चा भी जोरों पर थी। वहीं पूर्व विधायक सहित कई दावेदार टिकट की लाइन में थे।

धामपुर विधान सभा से दो बार विधायक रहे चुके अशोक कुमार राणा को भाजपा हाईकमान ने फिर से प्रत्याशी घोषित किया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी के राज्य मंत्री रहे ठाकुर मूलचंद चंद चौहान के सामने 17 हजार 864 वोटों से जीत दर्ज की थी। अशोक राणा को कुल 82 हजार 169 मत मिले थे। हालांकि 2007 में अशोक राणा बसपा से विधायक रहे थे और 2016 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। इस बार उनके सामने अफजलगढ़ विधान सभा से चार बार के विधायक रहे डा. इंद्रदेव सिंह मुख्य दावेदार थे। डेढ़ महीने पहले ही उन्होंने भाजपा ज्वाइन की थी। साथ ही हिदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी डा. एनपी सिंह भी टिकट की लाइन में थे।

नहटौर : यहां से भी भाजपा ने वर्तमान विधायक ओमकुमार को फिर से प्रत्याशी बनाया है। ओम कुमार दो बार से विधायक हैं। नगीना लोकसभा सीट में होने के बाद वर्ष 2012 में नहटौर नई सीट गठित हुई थी। उसके बाद पहली बार 2012 में ओमकुमार बसपा के टिकट पर जीते थे। भाजपा प्रत्याशी सुभाष बाल्मीकि को हराकर विधानसभा पहुंचे थे। वर्ष 2017 में बसपा से भाजपा में शामिल हुए और दूसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने 76 हजार 644 वोट लेकर अपने प्रतिद्वंदी सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी मुन्ना लाल प्रेमी को करीब 23 हजार मतों से हराया। इस बार इस सीट से उनके सामने पूर्व सांसद डा. यशवंत सिंह प्रबल दावेदार थे। हालांकि पार्टी ने उन्हें नगीना से टिकट दिया है। इसके अलावा डा. अभिषेक कुमार और रचना पाल भी दावेदारी पेश कर रहे थे।

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