बिजनौर, जेएनएन। पशुओं के पेट के कीड़े मारने की दवा का नमूना जांच में फेल पाया गया। अब औषधि निरीक्षक ने विक्रेता से दवाओं के बिल मांगे हैं। बिल उपलब्ध नहीं होने की दशा में दवा विक्रेता के खिलाफ वाद दायर किया जाएगा।

औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने 30 जुलाई को ग्राम शहबाजपुर में मैसर्स श्रीराम मेडिकल एजेंसी से बैच नंबर एमएलएसएल-198 की पशुओं के पेट के कीड़े मारने की दवा एलबेंडाजोल सीरप का नमूना लेकर जांच को राजकीय विश्लेषक लखनऊ के भेजा था। जांच रिपोर्ट संख्या आर/1899 दिनांक 29 सितंबर 2020 के अनुसार रुड़की (हरिद्वार) में बने सीरप के अंदर कीड़े मारने की दवा एलबेंडाजोल ही नहीं थी। अब औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने दवा विक्रेता को नोटिस भेज कर औषधि क्रय लाइसेंस की छाया प्रति, उक्त औषधि कहां से खरीदी गई है के बिल, उक्त औषधि का कहां कहां वितरण किया गया है। वर्तमान में उक्त औषधि का कितना स्टाक शेष हैं की जानकारी तीन प्रतियों मांगी है। उन्होंने नोटिस में यह भी कहा कि यदि स्टॉक शेष है तो उक्त दवा की बिक्री न करें। औषधि निरीक्षक ने बताया कि क्रय बिल उपलब्ध नहीं होने की दशा में मेडिकल स्टोर स्वामी के खिलाफ वाद दायर किया जाएगा। इस मामले में विक्रेता को आजीवन कारावास की सजा भी हो सकती है।

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