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जंगल सफारी का आनंद लेना चाहें तो अमानगढ़ आएं, एक नवंबर से शुरू हो रहा सीजन... थोड़ा; महंगा जरूर होगा

By Ajeet Chaudhary Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 23 Oct 2026 04:53 PM (IST)

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर से जंगल सफारी का नया सीजन शुरू हो रहा है। इस बार सफारी का ...और पढ़ें

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में वाटर हाल के पास खड़ा बाघ। सौजन्य: वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर एआर रहमान

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में वाटर हाल के पास खड़ा बाघ। सौजन्य: वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर एआर रहमान

HighLights

  1. अमानगढ़ जंगल सफारी का सीजन 1 नवंबर से शुरू।

  2. सफारी के किराए में 15 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव।

  3. इस बार ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी मिलेगी।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में इस वर्ष जंगल सफारी महंगी हो सकती है। वन विभाग ने अमानगढ़ में जंगल सफारी में 15 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव बनाया है। यह प्रस्ताव शासन को भेजा है। अगर प्रस्ताव स्वीकृत हो गया तो पहली बार अमानगढ़ में जंगल सफारी में किराये में वृद्धि होगी।

अमानगढ़ में जंगल सफारी वर्ष 2022 में शुरू की गई थी। शासन से स्वीकृति के बाद ही यहां जंगल सफारी का किराया निर्धारित किया गया था। अब फिर से एक नवंबर से अमानगढ़ में जंगल सफारी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अमानगढ़ के रास्तों आदि की मरम्मत हो रही है। एक नवंबर को विधि विधान से नए सफारी सीजन का शुभारंभ होगा। इस बार अमानगढ़ में जंगल सफारी के लिए आनलाइन बुकिंग की भी सुविधा शुरू होने जा रही है।

विभाग द्वारा वर्ष 2022 में निर्धारित किया गया किराया ही अब तक स्वीकृत था, लेकिन तब से अब तक महंगाई काफी बढ़ चुकी है। जंगल सफारी से होने वाली आय वन विभाग के अलावा नेचर गाइड व जिप्सी मालिक तक में बंटती है। इसे देखते हुए अब अमानगढ़ में जंगल सफारी का किराया बढ़ाया जा सकता है। वन विभाग ने जंगल सफारी का किराया 15 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।

जिप्सी सफारी का किराया पहले और अब
वाहन, पहले, अब
जिप्सी शुल्क, 2280, 2622
वाहन प्रवेश शुल्क, 300, 345
नेचर गाइड शुल्क, 400, 460


ईडीसी शुल्क, 100, 115
प्रति व्यक्ति किराया देशी, 100, 115
प्रति व्यक्ति विदेशी, 600, 690

32 किमी का होता है सफर
अमानगढ़ में सुबह और शाम की शिफ्ट में दस गाड़ियों को प्रवेश दिया जाता है। गाड़ियां अमानगढ़ के प्रवेश द्वार से झिरना गेट तक ले जाकर इसी से वापस लाया जाता है। यह सफर लगभग 32 किलोमीटर का पड़ता है। जंगल सफारी में लगभग तीन से साढ़े तीन घंटे लगते हैं।

जोरों पर चल रही हैं सफारी की तैयारी
अमानगढ़ में शुरूआत से अब तक किराए में वृद्धि नहीं की गई थी। इस बार किराए में वृद्धि का प्रस्ताव बनाया गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। अमानगढ़ में जंगल सफारी की तैयारी जोरों पर चल रही है।-जय सिंह कुशवाहा, डीएफओ