यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Yashasvi Jaiswal: यशस्वी जायसवाल ने टेस्ट में ठोकी पहली डबल सेंचुरी, भदोही में मना जश्न; पिता ने बेटे के लिए कह दी ये बात
Yashasvi Jaiswal विशाखापट्टनम में दूसरे टेस्ट मैच में भारत के ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने दोहरा शतक जड़ा है। यशस्वी ...और पढ़ें

एजेंसी, भदोही। एक नाम चर्चा में है और ये नाम है यशस्वी जायसवाल का। चर्चा इसलिए क्योंकि इन्होंने वो कारनामा कर दिखाया है, जिसकी उम्मीद अक्सर क्रिकेट फैंस को रोहित शर्मा से होती है। विशाखापट्टनम में दूसरे टेस्ट मैच में भारत के ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने दोहरा शतक जड़ा है। यशस्वी ने 271 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया।
यशस्वी जायसवाल की इस ताबड़तोड़ पारी की चारों ओर चर्चा हो रही है। इस बीच यशस्वी जायसवाल के घर यानी की उत्तर प्रदेश के भदोही में जश्न का माहौल है। अपने जिले के लाल ने जो कमाल किया है उसका जश्न लोग पटाखे फोड़ के मना रहे हैं।
पटाखे फोड़ कर मनाई खुशी
इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में आज दोहरा शतक जड़ने पर क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल के गृहनगर भदोही में लोगों ने पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटी गई। लोग इस दौरान नाचते नजर आए।
#WATCH | Uttar Pradesh | People burst crackers and distributed sweets in Bhadohi - the hometown of cricketer Yashasvi Jaiswal as he hit a double-century today in the second test match against England. pic.twitter.com/kwB68wxQcc
— ANI (@ANI) February 3, 2024
पिता ने कह दी ये बात
यशस्वी जायसवाल के पिता सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। बेटे के दोहरे शतक पर उन्होंने भी खुशी जताई है। यशस्वी के पिता भूपेन्द्र जायसवाल ने कहा कि पूरा भदोही जिला खुश है। छोटा शहर या बड़ा शहर मायने नहीं रखता, अगर कोई मेहनत करे तो हर काम में सफल हो सकता है।
यशस्वी जायसवाल के पिता ने कहा कि उम्मीद है कि वो आने वाले समय में ऐसा ही बेहतरीन प्रदर्शन करे और तिहरा शतक भी मारे।
#WATCH | Yashasvi's father Bhupendra Jaiswal says, "The entire Bhadohi district is delighted...Small town or a big city doesn't matter, if someone works hard they can succeed in everything..." https://t.co/OrZQVdtBlz pic.twitter.com/dqE6uZV0Of
— ANI (@ANI) February 3, 2024
कभी बेचते थे गोलगप्पे
यशस्वी जायसवाल वहीं बल्लेबाज हैं जो कभी ठेले पर गोलगप्पे बेचते थे। उन्होंने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम के बाहर घर चलाने के लिए कभी गोलगप्पे तक बेचे। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि मुझे अच्छा नहीं लगता है कि जिन लड़कों के साथ मैं क्रिकेट खेलता था, जो सुबह मेरी तारीफ करते थे, वहीं शाम को मेरे पास गोलगप्पे खाने आते थे, लेकिन घर की हालात देखकर उन्होंने मजबूरन ये सब करना पड़ा। खैर अब वक्त बदल गया और अब यशस्वी अपने नाम जैसा काम भी कर रहे हैं।
