जागरूकता के अभाव में एनीमिया की शिकार हो रहीं महिलाएं

जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : गर्भवती महिलाएं आयरन की कमी से एनीमिक हो रही हैं। महिला एवं बाल विकास पुष्टाहार व स्वास्थ्य विभाग की ओर से चल योजनाएं कारगर साबित नहीं हो रही हैं। इससे यह दायरा बढ़ता जा रहा है।

गर्भवती महिलाओं के खान-पान में पोषक तत्व जरूरी हैं। लापरवाही बरतने पर एनीमिक होने का जोखिम बढ़ जाता है। विभाग के सर्वे में जिले में अब तक चालीस हजार कुपोषित-अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया जा चुका है। महिला एवं बाल विकास व स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान व तमाम कोशिशों के बावजूद एनिमिया पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम डोर-टू-डोर भ्रमण कर एनीमिया के लक्षण वाली महिलाओं की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश है। जिले में एनीमिया की शिकार महिलाओं की संख्या 80 फीसद पहुंच चुकी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू वर्मा ने बताया कि एनीमिया की रोकथाम को लेकर एक जुलाई से अभियान चलेगा। इसमें एनीमिया के लक्षण वाली महिलाओं को चिह्नित कर बीमारी से मुक्ति को जागरूक किया जाएगा। अभियान की निगरानी को सुपरवाइजर को जिम्मेदारी दी गई है।

एनीमिया का यह है कारण

आयरन डेफिसिट एनीमिया तब होता है जब शरीर में हीमोग्लोबिन का उत्पादन कम होता है। हीमोग्लोबिन रेड ब्लड सेल्स का हिस्सा है, जो शरीर में आक्सीजन का संचार करता है। खान-पान में पोषक तत्वों का प्रयोग में अधिकांश महिलाएं लापरवाही करती हैं। इस वजह से एनीमिया की शिकार हो जाती हैं।

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स्वस्थ रहने के लिए यह अपनाएं उपाय

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संतोष कुमार चक ने बताया कि महिलाएं खान-पान में सजगता बरतकर इस घातक बीमारी से मुक्ति पा सकती हैं। एनीमिया की शिकार महिलाओं में इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। खून की कमी दूर करने को संतरा, मुसम्मी व एक गिलास नींबू पानी प्रतिदिन सेवन लाभकारी होता है। इसके अलावा पालक, सरसों आदि पत्तेदार हरी सब्जियों को भोजन में शामिल करने से स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। अनार, चुकंदर का जूस हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने को सबसे सही विधि है।

Edited By: Jagran