जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत 1.71 लाख नौनिहालों के दोपहरिया भोजन के लिए आया खाद्यान्न कोटे के दुकानों में डंप है। नौनिहाल खाद्यान्न का इंतजार कर रहे हैं तो विभागीय स्तर से अभी तक प्राधिकार पत्र नहीं जारी किया जा सका है, जिससे वह उसका उठान कर सकें। उधर विद्यालय प्रबंध समितियों के खाते में भेजा गया धन भी बच्चों के अभिभावकों के खाते में नहीं भेजा जा रहा है। विभागीय स्तर से हो रही इस लेटलतीफी से बच्चे खाद्यान्न व कंवर्जन कास्ट से वंचित हो रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के चलते 22 मार्च 2020 से ही परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को फरवरी 2021 तक बंद कर दिया गया था। शासन इस अवधि का खाद्यान्न उन्हें वितरित कराने और कन्वर्जन कास्ट अभिभावकों के खाते में भेजने का निर्णय लिया है। पूर्व में क्रमश: 76 व 49 दिन का खाद्यान्न व कन्वर्जन कास्ट भेजा गया था। जबकि अप्रैल से पहले बंद रहे प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए 138 व पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चों के लिए 124 दिन का खाद्यान्न वितरण शासन की ओर से 20,000 क्विटल खाद्यान्न आवंटित किया गया है। साथ ही 10 करोड़ रुपये कंवर्जन कास्ट भी अवमुक्त कर दिया गया है। अब देखा जाय तो करीब दो माह पहले आए खाद्यान्न का उठान भी कर लिया गया है लेकिन न तो बच्चों को खाद्यान्न का वितरण हो सका न ही कंवर्जन कास्ट की खाते में पहुंचा।

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कितना मिलेगा खाद्यान्न व कन्वर्जन कास्ट

- प्राथमिक विद्यालय के प्रत्येक बच्चों को कन्वर्जन कास्ट के रूप में 685 रुपये दिया जाएगा तो 13.800 किलो खाद्यान्न दिया जाएगा। वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चों के लिए 18.600 किलो खाद्यान्न व 923 रुपये की दर से कन्वर्जन कास्ट अभिभावकों के खाते में भेजा जाएगा।

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- सभी खंड शिक्षाधिकारियों को प्राधिकार पत्र बनवाकर बच्चों को वितरित कराने का निर्देश दे दिया गया है। जिससे उनके अभिभावक कोटे से खाद्यान्न का उठान कर सकें। जल्द ही खाद्यान्न वितरित होने लगेगा। --अमित कुमार सिंह, बेसिक शिक्षाधिकारी, भदोही।

Edited By: Jagran