विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूपी में लहसुन-प्याज की खेती करने वाले किसानों को सरकार देगी पैसा, 40% अनुदान से आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

Published: Fri, 18 Sep 2026 05:56 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को प्याज और लहसुन की खेती के लिए 40% अनुदान प्रदान कर रही है। इस योजना के तहत प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये की सहायता मिलेगी।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. प्याज-लहसुन की खेती पर 40% सरकारी अनुदान मिलेगा।

  2. किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये की सहायता।

  3. ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।

जागरण संवाददाता, भदोही। परंपरागत धान व गेहूं की खेती कर रहे किसान यदि प्याज और लहसुन की खेती में मन लगाएंगे तो उन्हें खेती में आने वाले लागत में 40 प्रतिशत धनराशि अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इससे किसानों के लिए खेती करना आसान हो जाएगी।

शासन ने एकीकृत बागवानी मिशन योजना के मशाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत किसानों को राहत देने के लिए न सिर्फ अनुदान देने की व्यवस्था की है बल्कि कुल 126 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती कराने का लक्ष्य तय कर दिया है।

उद्यान विभाग के अंतर्गत संचालित योजना के तहत किसानों को प्रेरित करने का काम शुरू कर दिया गया है। शासन की ओर से प्रत्येक वर्ग के किसानों की आय बढ़ाने को लेकर अलग-अलग तमाम योजनाएं संचालित की जा रही है।

किसानों को कृषि यंत्र व उपकरणों तक की व्यवस्था करने में कोई दिक्कत न हो अनुदान पर ट्रैक्टर से लेकर अन्य उपकरण मुहैया कराए जा रहे हैं। इसी तरह प्याज व लहसुन की खेती के प्रति आकर्षित हों।

उनकी आय बढ़ सके, शासन ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 63-63 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्याज व लहसुन की खेती कराने का लक्ष्य तय किया है। दोनों की खेती पर प्रति हेक्टेयर आने वाले कुल लागत 50 हजार रुपये में 40 प्रतिशत यानी 20 हजार रुपये अनुदान के रूप में देने की व्यवस्था की है।

प्रथम आवक-प्रथम पावक पर मिलेगा लाभ

योजना के तहत किसानों को अनुदान का लाभ प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर दिया जाएगा। आनलाइन आवेदन के लिए किसानों को उद्यान विभाग की वेबसाइट डीबीटी डाट यूपी हार्डीकल्चर डाट इन पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीयन चल रहा है।

कैसे होगा आवेदन

ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को फोटो के साथ खतौनी, आधार कार्ड व बैंक पास बुक की छाया प्रति के साथ मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। किसानों का चयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर दिया जाएगा। -ममता सिंह यादव, जिला उद्यान अधिकारी।

यह भी पढ़ें- अमेठी में कक्षा पांच तक पहुंचेगा ‘निपुण’ का लक्ष्य, बच्चों के सीखने की क्षमता पर होगा फोकस