जासं, भदोही : किसी भी शहर का मुख्य मार्ग अवरुद्ध होने के बाद यातायात की स्थिति क्या होगी। इसका स्वत: ही आकलन किया जा सकता है। गंभीर चिता का विषय यह है कि रेलवे की सूचना के बावजूद इस दिशा में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। न ही मार्ग डायवर्ट किया गया न ही जाम से निपटने के इंतजाम किए गए। मुख्य मार्ग अवरुद्ध होने से यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। गजिया का जाम जहां स्टेशन रोड पर पहुंच गया वहीं पकरी रेलवे फाटक पर वाहनों का भारी दबाव बन गया है। चुनाव ड्यूटी के चलते जवानों के अभाव में यातायात व्यवस्था सुचारू करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

शुक्रवार को दोपहर के बाद गजिया रेलवे फाटक के दोनों ओर मार्ग अवरुद्ध किए जाने के बाद वाहनों का दबाव स्टेशन रोड पर बढ़ गया। स्टेशन के पश्चिम स्थित पकरी रेलवे फाटक व पूर्व स्थित रेवड़ापरसपुर गेट देखते ही देखते व्यस्त हो गया। शनिवार सुबह आठ बजे के बाद ट्रेनों का तांता लगने के दौरान देर तक गेट बंद होते ही स्टेशन रोड से लेकर सिविल लाइन तक वाहनों की कतार लग गई। यह सिलसिला लगभग डेढ़ तक जारी रहा। दोपहर में भी दो से ढाई घंटे तक जाम की स्थिति रही। शहर कोतवाल श्रीकांत राय का कहना है कि चालक के साथ वे स्वयं दिन भर भागदौड़ कर रहे हैं।

Posted By: Jagran

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