जासं, भदोही : केंद्रीय सूक्ष्म एवं लघु मध्यम उद्यम राज्यमंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने शनिवार को भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) का निरीक्षण किया। इस दौरान आईआईसीटी की ओर से विकसित तकनीक को कालीन उद्योग के लिए वरदान बताया। कहा कि उद्यमियों को इसका भरपूर लाभ उठाना चाहिए।

औद्योगिक नगरी भदोही में निर्मित कलात्मक कालीन विश्व बाजार में अपनी अलग पहचान रखती है। देश से होने वाले कालीन निर्यात में भदोही की अग्रणी भागीदारी है। ऐसे में सरकार कालीन उद्योग व भदोही के विकास को लेकर गंभीर है। कहा कि आईआईसीटी को देखने और कालीन उद्योग को जानने की इच्छा हुई तो वह वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम को छोड़ चले आए।

मंत्री ने भरोसा दिलाया कि कालीन उद्योग का विभाग के माध्यम से हर संभव सहयोग किया जाएगा। किसी प्रकार की आवश्यकता हो तो बताएं उसे जरूर पूरा किया जाएगा। कहा कि आईआईसीटी कालीन उद्योग के लिए सराहनीय कार्य कर रहा है। नई-नई डिजाइन विकसित कर उद्योग व निर्यात को बढ़ाने में सहयोग कर रहा है।

संस्थान के निदेशक प्रो.आलोक कुमार ने कालीन भेंट कर उनका स्वागत किया। इससे पहले प्रोजेक्टर के माध्यम से संस्थान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के संयुक्त सचिव राजकुमार बोथरा ने ज्ञापन सौंपा। इससे पहले पुलिस टीम ने केंद्रीय राज्यमंत्री को गार्ड आफ आनर दिया। इस मौके पर आईआईसीटी के प्रबंध कार्यकारिणी समिति के सदस्य यादवेंद्र राय काका, अनिल कुमार सिंह, संस्थान के डा. अणु मिश्र, डा. बेट्टीदास गुप्ता, डा. मोमिता बेरा, डा. एसके पाल आदि थे।

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