जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : मिट्टी की जांच कराकर संतुलित व जैविक खाद के उपयोग करके उत्पादन व उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर में वनस्पति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में गुरुवार को आयोजित नील हरित शैवालयुक्त जैविक खाद के उत्पादन हेतु तकनीक विषयक कार्यशाला में प्राचार्य डा. शुभा श्रीवास्तव ने यह बातें कहीं।

उन्होंने छात्र-छात्राओं को जैविक खाद के प्रति जागरूकता, मृदा संरक्षण एवं पर्यावरण को स्वच्छ व संरक्षित करने का संकल्प दिलाया। कार्यशाला की संयोजिका वनस्पति विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. सुमन गुप्ता ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कहा कि इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन न सिर्फ छात्र-छात्राओं में जागरूकता लाना है अपितु इसे प्रधानमंत्री द्वारा संचालित मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत स्वरोजगार से जोड़ने का सूक्ष्म प्रयास है। विभागाध्यक्ष डा. उषा यादव ने नीलहरित शैवालयुक्त जैविक खाद के उपयोग करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे आम नागरिक पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दे सकते हैं। इस अवसर पर डा. आनंद ¨सह, डा. संजय चौबे, डा. कमाल अहमद सिद्दीकी, डा. इंग्लेश, डा. रोशन प्रसाद, डा. रणजीत ¨सह, डा. रश्मि मिश्रा, डा. अभिमन्यु यादव आदि थे।

Posted By: Jagran