जासं, भदोही: वाराणसी के सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रहे चार दिवसीय इंडिया कारपेट एक्सपो-19 का सोमवार की शाम समापन हो गया। मेला आयोजक कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) ने दावा किया कि चार दिन में 400 करोड़ रुपये के व्यवसाय सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। परिषद ने मेले को व्यवसाय की ²ष्टि से सफल बताया है। मेले में 45 देशों के 361 आयातक व 322 आयातक प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। इसी के साथ परिषद ने आगामी वर्ष मार्च में नई दिल्ली में आयोजित मेले की तिथि घोषित कर दी। परिषद के चेयरमैन सिद्धनाथ सिंह ने बताया कि एनएसआईसी प्रदर्शनी परिसर, ओखला में 28 मार्च से चार दिवसीय कालीन मेले का आयोजन किया जाएगा।

चेयरमैन ने बताया कि चार दिन के एक्सपो में अपेक्षा से कम आयातकों ने भागीदारी की बावजूद इसके जिस प्रकार से भारतीय कालीन उत्पादों के प्रति रूचि दिखाई गई वह भविष्य में बेहतर व्यवसाय का मार्ग प्रशस्त करेगी। बताया कि

परिषद ने चालू वित्तीय वर्ष में 3000 से 5000 करोड़ का निर्यात लक्ष्य रखा है। कालीन मेले में आए आयातकों व निर्यातकों के बीच व्यवसाय को लेकर बने संबंध आने वाले दिनों में उद्योग के लिए लाभदायक साबित होंगे। उन्होंने

नए बाजार के अवसर मिलने, छोटे व मध्यम उद्यमियों के विकास की उम्मीद जताई। चेयरमैन श्री सिंह ने मेले को सफल बनाने में सहयोग करने वाले परिषद के पदाधिकारियों, प्रशासनिक समिति के सदस्यों, कार्यकारी निदेशक-सह-सचिव आदि को बधाई देते हुए अतिथियों का आभार प्रकट किया। --------------

इन देशों के आयातकों ने की भागीदारी

ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चिली, चीन, चेक गणराज्य, मिस्त्र, फ्रांस, जर्मनी, ईरान, इटली, जापान, कजाकिस्तान, कोरिया, लिथुआनिया, मैक्सिको, नेपाल, रूस, सिगापुर, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, स्वीडन, ताइवान, थाईलैंड, टर्की, यूएई, ब्रिटेन, अमेरिका, वियतनाम सहित 45 देश के आयातकों ने मेले में भागीदारी की। इसके अलावा विभिन्न देश के 322 आयातक प्रतिनिधियों ने इंडिया कारपेट एक्सपो में आमद दर्ज कराई।

Posted By: Jagran

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