मां का दूध बच्चों के लिए ईश्वर प्रदत्त प्रथम टीका

जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर में गृह विज्ञान विभाग की ओर से शनिवार की शाम आयोजित शिशु एवं छोटे बच्चों के आहार विषयक जागरूकता कार्यक्रम में मां के दूध की महत्ता पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ता राजकीय महिला पीजी कालेज बांदा की प्रवक्ता डा. अस्तुति वर्मा ने सर्वे से अनुसार शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की होने वाली मौतों पर प्रकाश डाला। कहा कि स्तनपान यानी मां का दूध एवं संपूरक आहार सही समय पर, सही मात्रा में दिया जाए तो मृत्यु दर में 19 फीसद तक की कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि मां का दूध ईश्वर प्रदत्त प्रथम टीका के समान है। यानी मां का दूध सभी बच्चों को दिया जाना चाहिए। उन्होंने शिशु के प्रथम आहार मां के दूध में उपस्थित पीले तत्व कोलोस्ट्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। छोटे बच्चो के आहार में पोषक तत्त्वों के बारे में समझाते हुए भोजन संबंधी आदतों में बदलाव लाने का संदेश दिया। शिशु दुग्ध विकल्प अधिनियम 1992 और संशोधित अधिनियम 2003 पर विस्तार से प्रकाश डाला। छात्राओं ने विषय से संबंधी सवाल-जवाब भी किए। मिशन शक्ति की प्रभारी डा. कामिनी वर्मा ने विश्व स्तनपान सप्ताह के इतिहास पर चर्चा की। कार्यक्रम का संयोजन गृह विज्ञान विभाग की प्रभारी डा. ईरा त्रिपाठी, डा. मधु, डा. जान्हवी त्रिपाठी व अन्य प्राध्यापक थे।

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