माडल विद्यालय में शिक्षकों का टोटा, कैसे आए शिक्षा में गुणवत्ता

जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से तमाम दावे हो रहे हैं। प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसके बाद भी हाइटेक व्यवस्था युक्त पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय माडल इंटर कालेज सागररायपुर में शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो पा रही है। सृजित पदों के सापेक्ष आधे से भी कम शिक्षकों के भरोसे शिक्षण कार्य चल रहा है। कई विषयों के शिक्षक तक नहीं हैं। इससे पढ़ाई कैसे होगी और इसमें क्या गुणवत्ता आएगी, स्वत: ही समझा जा सकता है।

माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कक्षा छह से 12 तक के छात्र-छात्राओं को शिक्षा देने के लिए डाघ ब्लाक से सागररायपुर में पं. दीनदयाल उपाध्याय माडल विद्यालय का निर्माण कराया गया। शिक्षण सत्र 2018 से विद्यालय का संचालन शुरू किया जा चुका है। मौजूदा सत्र में छात्र-छात्राओं की संख्या 360 पहुंच चुकी है। अब देखा जाय तो निर्माण के समय एक प्रधानाचार्य व 17 शिक्षकों के पद स्वीकृत किए गए। शासन स्तर से जल्द ही तैनाती का भरोसा भी दिया गया था, लेकिन आज तक एक प्रधानाचार्य सहित पांच शिक्षकों की ही तैनाती हो सकी है जिनके सहारे शिक्षा की गाड़ी खींची जा रही है। इससे एक ओर जहां शिक्षकों के सामने शिक्षण कार्य को कराने में समस्या आ रही है तो वहीं छात्र-छात्राओं के अभिभावक भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। विद्यालय में सृजित पदों के सापेक्ष शिक्षकों की तैनाती की मांग की गई है। प्रधानाचार्य इंद्रमणि मिश्र ने बताया उपलब्ध शिक्षकों के सहारे शिक्षण कार्य पूरा कराया जा रहा है। विज्ञान व गणित की शिक्षा प्रभावित न हो इसलिए दो शिक्षकों को संबद्ध किया गया है।

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