जासं, भदोही : वाराणसी से उज्जैन व ओंकारेश्वर इंदौर तक चलने वाली काशी-महाकाल एक्सप्रेस के भदोही रेल खंड से चलाने के निर्णय का स्वागत किया जा रहा है। सप्ताह में तीन दिन चलने वाली अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस उक्त ट्रेन एक दिन भदोही तो दो दिन जौनपुर होकर चलेगी। फिलहाल इसका ठहराव नहीं होगा, लेकिन भविष्य में ठहराव होने की उम्मीद है। इसे लेकर लोगों में उत्साह है। विशेषकर रेल खंड से इंदौर, उज्जैन, बीना आदि स्थानों को जाने के लिए एक भी ट्रेन नहीं थी। महाकाल एक्सप्रेस के संचालन से लोगों को भारी राहत मिल गई है।

तीन ज्योतिíलंगों ओंकारेश्वर (इंदौर), महाकालेश्वर (उज्जैन) व काशी विश्वनाथ वाराणसी को जोड़ने वाली उक्त ट्रेन का गत रविवार को देश के प्रधानमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हालांकि ट्रेन किधर से गुजरेगी इसे लेकर अंतिम समय तक ऊहापोह की स्थिति रही। इसे सौभाग्य ही कहा जाएगा कि पहली बार ट्रेन को भदोही रेल खंड से चलाया गया। सीसी कैमरे सहित अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस महाकाल एक्सप्रेस एक दिन वाराणसी-प्रयागराज वाया भदोही रेलमार्ग से तो दो दिन वाराणसी-सुल्तानपुर वाया जफराबाद होकर चलेगी। हालांकि ट्रेन परिचालन का अधिकृत शेड्यूल अभी स्थानीय स्टेशन पर नहीं आया है। स्टेशन अधीक्षक आलोक कुमार का कहना है कि विभाग से अभी महाकाल एक्सप्रेस के बारे में अधिकृत आदेश जारी नहीं किया गया है। एक दिन रेलमार्ग से ट्रेन चलेगी यह तय है, लेकिन दिन व समय निर्धारित नहीं है। बताया कि 20 फरवरी से ट्रेन का परिचालन सुचारु होगा। उधर तीन महत्वपूर्ण धामों को जोड़ने वाली उक्त ट्रेन का परिचालन शुरू होने पर लोगों ने हर्ष जताया है। लोगों का कहना है कि इंदौर, उज्जैन के लिए रेलखंड से एक भी ट्रेन नहीं थी। इसके चलने से लोगों को कानपुर, झांसी, बीना जैसे स्टेशनों के लिए भी आवागमन आसान हो जाएगा।

Posted By: Jagran

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